पूरनपुर के राज मिस्त्री ने दिया आश्रय
22 वर्ष बाद मिले छोटन ने परिजनों को बताया कि उनसे बिछड़ने के बाद वह कई दिनों तक इधर उधर भटकता रहा। वह मेहनत मजदूरी कर गुजर बस करता रहा। 15 वर्ष पूर्व पूरनपुर के राजमिस्त्री चांद मियां उसे अपने साथ ले गए। उन्होंने ही उसे राजमिस्त्री का काम सिखाने के बाद भिखारीपुर गांव की नसीम बेगम से उसकी शादी करा दी। उससे उसके चार बेटे आयान, अरसलान, अरमान व सुभान हैं। उसका बड़ा बेटा आयान नौ वर्ष का है। बेटे के साथ बहू और पोतों के मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है।