सुप्रीम कोर्ट की ओर से असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद भी तीन तलाक के मामले नहीं थम रहे हैं। जगतपुर में रहने वाली एक महिला को उसके शौहर ने पहले तो दहेज में 50 हजार रुपये न देने पर मारपीट कर मायके भेज दिया। कुछ दिनों बाद मायके वालों ने समझाने-बुझाने के लिए उसे घर बुलाया तो वहां उसने फिर 50 हजार मांगे। बीवी ने मायके की तंगहाली का हवाला देते हुए बेबसी जताई तो उसके साथ मारपीट की और फिर उसे तीन तलाक देकर लौट गया। बुधवार को पिता के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता ने इंसाफ की गुहार लगाई।
जगतपुर में पानी की टंकी के पास रहने वाले रिक्शा चालक लाल हसन की बेटी तरन्नुम का निकाह 2016 में सुभाषनगर क्षेत्र के गांव करेली के मो. रफीक के साथ हुआ था। रफीक शादियों में बग्घी चलाने का काम करता है। तरन्नुम का आरोप है कि निकाह के बाद उनके सास, ससुर समेत पूरा परिवार उन्हें दहेज के लिए परेशान करने लगा। अक्सर उनके साथ मारपीट की जाने लगी। ससुराल वाले 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। अपना निकाह बचाने के लिए वह लंबे समय तक खामोश रहकर उनकी प्रताड़ना सहती रही। इस बीच एक बार रफीक ने उसके ऊपर चाकू तक से हमला किया जिसमें वह घायल हो गई, लेकिन इसके बावजूद शौहर ने 27 नवंबर 2017 की दोपहर 12 बजे उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।
समझाने के लिए बुलाया था, तीन तलाक दे गया
तरन्नुम के पिता लाल हसन रिक्शा चलाते हैं। परिवार तंगहाली में ही रहता है। ऐसे में 50 हजार रुपये का बंदोबस्त करना उनके लिए सपने जैसी बात थी। तरन्नुम का कहना है कि शौहर रफीक के घर से निकाल दिए जाने के बाद वह महीने भर से ज्यादा वक्त से जगतपुर में अपने मायके में रह रही है। सोमवार शाम मो. रफीक जगतपुर में ससुराल पहुंचा। परिवार के लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह 50 हजार रुपये की मांग पर अड़ा रहा। तरन्नुम ने पिता की माली हालत का हवाला देते हुए इंकार किया तो उसके साथ मारपीट कर दी। बोला, अगर पैसे नहीं दे सकती हो तो मेरे साथ रहने का भी हक नहीं। इसके बाद तीन तलाक देकर चला गया।
कचहरी और पुलिस ऑफिस में काटती रही चक्कर
बुधवार को तरन्नुम और उसके पिता इंसाफ के लिए इधर-उधर भटकते रहे। एक वकील को साथ लेकर वे एसएसपी कार्यालय में एसपी क्राइम रमेश भारती से मिले और उनसे ज्यादती की शिकायत की। एसपी क्राइम ने पीड़िता का मामला समझने के बाद जांच बारादरी थाने की पुलिस को सौंपी है। पीड़िता के पिता लाल हसन ने एसपी को बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति खराब है, 50 हजार देने की हैसियत ही नहीं है। फिर भी दामाद जिद पर अड़ा है।