बरेली के आंवला में शादी के लिए मोबाइल टॉवर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देते हुए युवती के परिजनों पर दबाव बनाने, घर में घुसकर उसके अपहरण की कोशिश और जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र मणि ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। हालांकि, घर में घुसकर हमला करने और चोट पहुंचाने के मामले में दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
आंवला थाने के एक मोहल्ले की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि परिचित रोहित यादव आते-जाते उनकी बेटी से छेड़खानी करता था। शादी का दबाव बनाने के लिए वह छह सितंबर 2021 को गांव के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बदनामी होने के कारण महिला ने परिवार सहित गांव छोड़ दिया। वह आंवला के एक मोहल्ले में रहने लगी। 14 सितंबर की रात आठ बजे रोहित दो अन्य लोगों के साथ आंवला में उसके घर में घुस आया। उसकी बेटी को उठाकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर पीटा और जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। इससे वह बाल-बाल बची।
जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से सात गवाह व सात साक्ष्य पेश किए गए, लेकिन जानलेवा हमले और अपहरण की कोशिश के आरोप साबित नहीं हुए। कोर्ट ने इन धाराओं में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। घर में घुसकर हमला करने और चोट पहुंचाने के मामले में सजा सुनाई है।