12 करोड़ की लागत से बना ढांचा
करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बना स्कॉई वॉक सरकारी धन को खपाने का नायाब नमूना है। इसे तीन साल पहले महापौर उमेश गौतम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के बजट से बनवाया था। इसके ऊपर दुकानें व बाजार संचालित किया जाना था, जहां लोग आकर बैठ सकें और खाने पीने की चीजों के साथ खरीदारी का आनंद ले सकें। इसे बना तो दिया गया, लेकिन आज तक संचालन नहीं हो सका। कई कंपनियों ने इसके लिए आवेदन किए। बताया जाता है कि जटिल नियमावली की वजह से आज तक किसी कंपनी को अधिकृत नहीं किया जा सका। सुगबुगाहट है कि अब नगर निगम खुद ही इसका संचालन शुरू कर सकता है।
उर्स के दौरान चढ़े थे जायरीन
आला हजरत उर्स के दौरान शहर में जायरीन का जमावाड़ा लगता है। इस बार भी उर्स का कुल होने के बाद सैकड़ों लोग स्कॉई वॉक पर चढ़ गए थे। इससे यह ढांचा हिल गया था। गनीमत रही कि उस वक्त कोई हादसा नहीं हुआ। वहां मौजूद एसएसपी ने खुद लाठी फटकारकर लोगों को नीचे उतरवाया था। फिर इसे खाली करवाकर कंटीले तार लगवा दिए गए थे।