बरेली पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश
दीपक कौशिक ने खुद को बरेली पुलिस के दरोगा के रूप में प्रचारित किया। महिला समाजसेवी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण लोगों ने बरेली पुलिस के खिलाफ अभद्र कमेंट किए। पुलिस ने अब इस मामले में धारा 66सी आईटी एक्ट और धारा 319(2)/356 बीएनएस भी बढ़ाई है।
इसमें अपनी पहचान छिपाकर किसी दूसरे व्यक्ति का रूप रखकर या किसी काल्पनिक मृत व्यक्ति का नाम इस्तेमाल कर किसी के साथ धोखाधड़ी की जाती थी। अधिकतम पांच वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती है। आईटी एक्ट में सजा अलग से होगी।
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि आरोपी दीपक कौशिक ने मृत दरोगा आकाश यादव का फोटो व दीपक जाट नाम की छद्म पहचान बनाकर अपराध किया था। साइबर थाने की टीम ने इसका खुलासा कर दिया। आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है।