बरेली। जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सप्ताहभर में सौ से ज्यादा मरीज मिले हैं, पर स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना हुआ है। निरोधात्मक कार्रवाई के दावे धरातल पर बेअसर साबित हो रहे हैं। हकीकत में सरकारी अस्पतालों के परिसर में ही मच्छर पनप रहे हैं। कहीं बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं तो कहीं जलभराव और गंदगी हावी है।
मंगलवार को इसकी पड़ताल की गई तो तीन सौ बेड अस्पताल का पूरा परिसर झाड़ियों की गिरफ्त में मिला। परिसर में बने आवास के पिछले हिस्से में भरे गंदे पानी में लार्वा पनप रहे हैं। इससे स्वास्थ्य कर्मियों की सेहत भी खतरे में है। अस्पताल प्रशासन की ओर से नगर निगम को सफाई के लिए कहा गया था, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। आंवला स्थित स्वास्थ्य केंद्र में भी गंदगी का अंबार है। भवन के ऊपर दो-दो फुट लंबी घास उग आई है। इससे बरसात के दिनों में जलभराव होने से भवन में सीलन आती है। लिंटर से पानी टपकता है। मरीजों व तीमारदारों को असुविधा होती है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विनय पाल ने बताया कि इसके लिए बजट मांगा है।फतेहगंज पश्चिमी स्वास्थ्य केंद्र में भी जगह-जगह जलभराव है, जिसमें लार्वा पनपने का खतरा बना हुआ है। मरीज कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन वहां सफाई नहीं हुई। यह हाल तब है, जबकि फतेहगंज पश्चिमी के कई गांव में मलेरिया का प्रकोप सबसे ज्यादा रहता है। संवाद
अस्पताल व आवास के बाहर सफाई के लिए कई बार नगर निगम को पत्र लिखा गया है। पिछले दिनों सफाई हुई भी थी, लेकिन बारिश की वजह से दोबारा घास उग आई है। सफाई कराने के लिए नगर निगम को फिर पत्र लिखेंगे। - डॉ. इंजतार हुसैन, प्रभारी, तीन सौ बेड अस्पताल
मलेरिया के 14 नए मरीज मिले
मंगलवार को मलेरिया के 14 नए मरीज सामने आए। अब मरीजों की कुल संख्या 1690 पहुंच गई है। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, मलेरिया के रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
तीन सौ बेड अस्पताल में खड़ी कबाड़ एम्बुलेंस, बरसात के बाद इसी में भर जाता है पानी। अमर उजाला