Make Time Management Revision, Avoid
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बोर्ड परीक्षाओं का भूत जेहन से भगाना है तो टाइम मैनेजमेंट का सहरा लें, क्योंकि इसी से आप बेहतर तैयारी कर सकते हैं और परीक्षा के अतिरिक्त दबाव से मुक्ति पा सकते हैं। दूसरी तरफ रिवीजन के इस वक्त में कुछ नया सीखने से बचें। साल भर जिस पैटर्न पर तैयारी की है और जो भी नोट्स तैयार किए हैं उनका ही रिवीजन करें। राजकीय हाईस्कूल ताल गौटिया क्यारा के प्रधानाचार्य डॉ. सुभाष चंद्र मौर्या ने परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्रों को सलाह दी कि अगर समय प्रबंधन से छात्र तैयारी करते हैं तो 70 फीसदी तक परीक्षा के दबाव से मुक्ति पा सकते हैं। उन्होंने छात्रों का सलाह दी कि इस वक्त केवल रिवीजन पर ध्यान दें, नया पढ़ना चाहेंगे तो निश्चित ही अतिरिक्त दबाव को आप न्यौता देंगे।
रिवीजन के दौरान जरूर लें तीस मिनट का ब्रेक
रिवीजन के दौरान तुरंत दूसरे विषयों की तैयारी पर न जुटें। एक हार्ड विषय के बाद सरल विषय को चुनें ताकि दिमाग पर ज्यादा जोर न पड़ें। दो विषयों की तैयारी के बीच कम से कम तीस मिनट का ब्रेक जरूर हो।
बारहवीं के छात्र ऐसे करेंगे समय प्रबंधन
- सुबह चार या पांच बजे का वक्त गणित विषय के रिवीजन के लिए चुनें और कम से कम ढाई से तीन घंटा पढ़ें।
- गणित पढ़ने के बाद हार्ड विषय की जगह हिंदी जैसा विषय रिवीजन के लिए चुनें और डेढ़ से दो घंटे तैयारी पर लगाएं।
- दोपहर का वक्त साइंस विषय के लिए चुनें। केमिस्ट्री और फिजिक्स को बारी बारी से वक्त दें। कोशिश करेंगे कि बीस से तीस मिनट के ब्रेक देकर चार घंटे इन दो विषयों पर दें।
- इसके बाद दो घंटे सो सकते हैं। उसके बाद शाम छह बजे से आठ बजे तक जीव विज्ञान के रिवीजन को रख सकते हैं।
- खाना खाने के बाद कुछ देर रेस्ट करने के बाद डेढ़ से दो घंटा अंग्रेजी विषय के लिए दें।
चार साल के मॉडल पेपर का करें रिवीजन
यूपी बोर्ड ने इस बार से ग्यारहवीं और बारहवीं का सिलेबस अलग कर दिया है। इसलिए पुराने मॉडल पेपर पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं। हां, प्रश्न किस तरह से पूछे जा सकते हैं इसलिए चार साल के मॉडल पेपर हल करके देख लें।