युवती ने लगाया था ये आरोप
जिसके बाद पत्नी ने पति के समक्ष माता-पिता से अलग रहने का प्रस्ताव रखा। युवती शिक्षिका है वहीं युवक का अपना व्यवसाय है। युवती ने आरोप लगाया कि ससुरालीजन पति की दूसरी शादी कराना चाहते थे जबकि मेरे पिता ने शादी में 25 लाख रुपये खर्च किए। वहीं कोर्ट ने कहा कि युवती के पिता स्वयं एक निजी कार चलाते हैं और जमीन भी बहुत नहीं है। इस तरह के आरोपों को कोर्ट ने निराधार बताया।
अपर न्यायाधीश ने महाभारत की टिप्पणी के साथ कहा- असंख्य लोग मरते हैं फिर भी लोग सोचते हैं कि वे जीवित रहेंगे। वर्तमान में लोग वृद्धाश्रमों व बंद फ्लैट में एकाकी जीवन जी रहे हैं, जबकि संयुक्त परिवार अकेलेपन को संस्तुति करता है। अंत में दोनों पक्षों के तलाक को स्वीकृति देते हुए अलग रहने का निर्णय सुनाया।
बरेली में महिला ने अपने पति के सामने माता-पिता से अलग रहने का प्रस्ताव रखा। पति ने उसे समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। पारिवारिक विवाद कोर्ट में पहुंच गया। पति ने तलाक का दावा किया, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।