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सात मिनट देरी से पहुंची महामना कोविड-19 स्पेशल ट्रेन

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स्पेशल ट्रेन से उतरते यात्री। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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लखनऊ से श्रमजीवी कोविड-19 एक्सप्रेस भी नौ मिनट लेट आई

बरेली। लॉकडाउन खुलने के बाद जंक्शन पर पहली ट्रेन महामना कोविड-19 दिल्ली से सात मिनट की देरी से जंक्शन पहुंची। दूसरी ट्रेन श्रमजीवी कोविड-19 निर्धारित समय से नौ मिनट पहले जंक्शन पहुंची। दोनों ट्रेनों से उतरे सभी यात्रियों को टिकट चेकिंग और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्लेटफार्म से बाहर भेजा गया। सभी यात्रियों को गृह मंत्रालय से आए पंफलेट भी बांटे गए।
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पहली ट्रेन नई दिल्ली-वाराणसी महामना कोविड-19 रात 11.15 बजे जंक्शन पहुंची और पांच मिनट रुकने के बाद रवाना हो गई। इस ट्रेन में लखनऊ और वाराणसी जाने वाले 16 पैसेंजर चढ़े, जबकि आठ पैसेंजर उतरे। रेलवे रिकार्ड के मुताबिक 22 पैसेंजर उतरने थे। इसके बाद लखनऊ की ओर से 11.42 बजे राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस जंक्शन पहुंची। 44 यात्री जंक्शन से चढ़े और 96 यात्री जंक्शन उतरे। जबकि 110 यात्रियों ने दिल्ली से बरेली आने का रिजर्वेशन कराया था। रात दो बजे लखनऊ मेल कोविड-19 स्पेशल ट्रेन और रात ढाई बजे रक्सौल से आनंद विहार जाने वाली सत्याग्रह कोविड-19 स्पेशल ट्रेन जंक्शन पहुंची। सभी यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्लेटफार्म से बाहर भेजा गया। जिला प्रशासन के अनुसार बाहर से आने वाली सभी यात्रियों को 14 दिन के क्ववारंटीन किया जाएगा। स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग का विशेष ध्यान रखा गया।

बिना चेकिंग के प्लेटफार्म पहुंचे दो लोग

शाम से ही जंक्शन पर जीआरपी और आरपीएफ नदारद रही। यात्रियों को ट्रेन आने के समय से डेढ़ घंटा पहले पहुंचना था। ट्रेन आने के 15 मिनट पहले तक पूरी व्यवस्था होमगार्ड के हवाले रही। इस बीच दो लोग किसी तरह से जंक्शन पहुंच गए। जीआरपी थाने के सामने पहुंचने पर सिपाहियों की नजर उन पर पड़ी तो उन्हें प्लेटफार्म से बाहर भेजा गया। इन्होंने बताया कि यह दोनों नशे की दवा लेने के लिए लखनऊ मेल से गाजियाबाद जा रहे थे। दोनों के पास टिकट नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें फटकने नहीं दिया।

एक बर्थ पर थे बच्चों समेत तीन लोग

रेलवे की ट्रेन में सोशल डिस्टेसिंग रखने की तमाम कोशिश उस समय नाकाम हो गई जब महामना एक्सप्रेस में एक बर्थ पर तीन लोग लेटे हुए थे। जबकि अन्य बर्थें भी खाली थीं।
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