जिला पंचायत परिसर में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई
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बरेली के राजकीय दत्तक ग्रहण एजेंसी का संचालन जिला पंचायत परिसर स्थित एक चाइल्ड लाइन कार्यालय में किया जा रहा है। वहां रह रहे सात माह के शिशु उज्ज्वल की मृत्यु एक जनवरी को बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में हो गई थी। अब इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी।
उज्ज्वल को 27 दिसंबर की रात को सर्दी लग गई थी। रात को केवल आया ड्यूटी पर थी। रात के बजाय दिन में स्टाफ नर्स पहुंची। अगले दिन निमोनिया के कारण बच्चे की हालत खराब होती देख उसे बदायूं मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां तीन दिन भर्ती रहने के बाद उसकी मृत्यु हो गई थी। पोस्टमॉर्टम के बाद उसे बदायूं के कछला घाट पर दफना दिया गया था। जानकारी मिलने पर बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने शनिवार को व जिला जज ने शुक्रवार को दत्तक ग्रहण एजेंसी का निरीक्षण किया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा ने बताया कि अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है। बच्चा पहले से बीमार चल रहा था। पहले जिला अस्पताल भर्ती कराया गया, जिसके बाद बदायूं मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती रहा। एक जनवरी को बच्चे की मृत्यु हो गई थी। अब इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। बाकी बच्चे ठीक हैं। उनकी देखरेख अच्छे से की जा रही है।
भोजीपुरा क्षेत्र में गन्ने के खेत में मिला था नवजात
भोजीपुरा क्षेत्र के गन्ने के खेत में शिशु कपड़े में लिपटा हुआ मिला था। सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन की टीम ने रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके स्वस्थ होने के बाद उसे दत्तक ग्रहण एजेंसी में रखा गया था।