बरेली। लखनऊ-चंडीगढ़ सुपरफास्ट में अब यात्रा और भी आरामदेह और सुरक्षित हो गई है। रेलवे ने इस ट्रेन का संचालन लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच की रैक के साथ शुरू कर दिया है। अब तक यह गाड़ी आईसीएफ कोच के साथ चल रही थी। हालांकि, बाघ एक्सप्रेस को अब भी एलएचबी रैक का इंतजार है। एक साल पहले रैक को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अब रैक उपलब्ध नहीं हो सकी है।
12231-32 लखनऊ-चंडीगढ़ सुपरफास्ट अप-डाउन 1,334 किमी की यात्रा करती है। पुरानी रैक होने के कारण यह सुपरफास्ट ट्रेन अक्सर लेट-लतीफी का शिकार हो जाती थी। एलएचबी रैक के बाद ट्रेन की औसत स्पीड बढ़ेगी और गाड़ी लेट-लतीफी का शिकार नहीं होगी। दूसरी ओर काठगोदाम-हावड़ा के बीच चलने वाली 13020-19 बाघ एक्सप्रेस को अब भी एलएचबी कोच की रैक का इंतजार है। यह गाड़ी अप-डाउन में 3,028 किमी चलती है, लेकिन इसे अब तक एलएचबी रैक नहीं मिल सकी है। यही स्थिति 14315-16 बरेली-दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस की भी है। तीन माह से इस ट्रेन का चेयरकार सी-1 कोच का एसी खराब है। दूसरा कोच न होने के कारण गाड़ी का संचालन जुगाड़ से किया जा रहा है। संवाद