शिव के प्रतीक चिह्न भी फूलों से बनेंगे
वाटिका के पंपा सरोवर से लेकर सेंट्रल गार्डन और प्रवेश द्वार पर भव्य रोशनी स्वागत करेगा। भगवान के स्वरूप बनाने में रजनीगंधा के बीस क्विंटल से अधिक फूल लग जाने का आकलन है। शिव और उनके प्रतीक चिह्न भी फूलों से बनेंगे। हजारों प्रजातियों के फूल देखने के लिए मिलेंगे। बीडीए ने पुष्प प्रदर्शनी इसके तहत ही फ्लावर वीक शुरू किया गया था, जिसमें महाशिवरात्रि पर विभिन्न चौराहों को सजाया गया। बीडीए के सचिव योगेंद्र कुमार का कहना है कि पुष्प प्रदर्शनी से समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
रामायण वाटिका में दिखेंगे राम वन गमन के प्रसंग
रामायण वाटिका में राम वन गमन के प्रसंग दिखेंगे। वाटिका में चित्रकूट, दंडकारण्य, अशोक वाटिका, किसकिंधा और पंचवटी वाटिकाएं हैं। इसमें अशोक से लेकर ब्राह्मी तक के पौधे लगाए गए हैं। वाटिकाओं में उन सभी पौधों का जगह मिली है जिनका राम वन गमन प्रसंगों में उल्लेख है। मियावाकी पद्धति पर 16 हजार से अधिक पौधे लगाकर जंगल बनाया गया है। इसमें विभिन्न प्रजातियों की चिड़ियां वास कर रही हैं। प्राकृतिक छटा निखर रही है। लोग अब इसे देखने के लिए पहुंचने लगे हैं।