सात साल पहले हुई हत्या के मामले में था आरोपी, नहीं था राशनकार्ड, कोटेदार से भी हो गया था विवाद
सेंथल/हाफिजगंज (बरेली)। सेंथल कस्बे में एक फेरी वाले ने गुरुवार रात पत्नी के दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक हत्या के मामले में वह जमानत पर चल रहा था। लॉकडाउन की वजह से उसका धंधा ठप हो गया था। कोर्ट में मामले की तारीख भी टल गई जिस पर जल्द फैसला आना वाला था। डिप्रेशन में आकर उसने जान दे दी।
सेंथल के मोहल्ला हाकिमटोला में 32 वर्षीय मुजाहिद अली अपनी पत्नी शहानू और दो बच्चों के साथ किराये पर रहता था। शुक्रवार सुबह शहानू ने दूसरे कमरे में पति का शव दुपट्टे से फंदे पर लटका देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत की पुष्टि हुई है।
पत्नी शहानू ने बताया कि मुजाहिद गांवों में बाइक पर कपड़ों की फेरी लगाता था। लॉकडाउन के बाद से उसका काम ठप था। उनका राशनकार्ड नहीं बना था। ऑनलाइन पर्ची देखकर कोटेदार ने गल्ला देने से मना कर दिया था। इस पर कोटेदार से विवाद भी हुआ था। बाद में पुलिस अपनी ओर से पांच किलो आटे का पैकेट दे गई थी। हालांकि मकान मालिक उनके परिवार की मदद कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक मुजाहिद 2013 में हुई महबूब हसन की हत्या में सह आरोपी था। करीब साल भर पहले उसे जमानत मिली थी। मामले की सुनवाई चल रही है जल्द फैसला आना वाला था। फिलहाल लॉकडाउन की वजह से कोर्ट बंद होने से भी तारीख टल गई थी। पुलिस के मुताबिक आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है। तंगहाली वजह नहीं है। पुलिस, मकान मालिक से लेकर पड़ोसी तक परिवार की मदद कर रहे थे। शायद हत्या के मामले में सजा की संभावना की वजह से मुजाहिद डिप्रेशन में रहा हो।