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लॉकडाउन का पालन सिर्फ श्यामगंज मंडी के मेन रोड पर, गलियों में फिर मचाई मारामारी

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बरेली के श्यामगंज बाजार में लगी भीड़ से गलियां भी अछूती नहीं रहीं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। पुलिस और प्रशासन को भ्रम में रखकर कुछ व्यापारी नेताओं बुधवार को श्यामगंज में अराजकता फैला देने वाला जो प्रयोग किया, बृहस्पतिवार को यहां वैसा तो नहीं हुआ लेकिन फिर भी हालात बहुत ज्यादा काबू में भी नहीं दिखाई दिए। श्यामगंज के मेन रोड पर खुली थोक की दुकानों पर तो लॉकडाउन के नियमों का असर दिखाई दिया, वह भी तब जब पुलिस-प्रशासन के अफसर यहां पहुंचे। इसके उलट अंदर गलियों में पहले जैसी मारामारी का माहौल बना रहा। पुलिस फोर्स ने कई बार भीड़ को खदेड़ा लेकिन गलियों के दुकानदारों और ग्राहकों की बेपरवाही बार-बार इशारा करती रही कि यहां और ज्यादा सतर्कता और सख्ती की जरूरत है।
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श्यामगंज किराना बाजार खोलने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह पालन की पाबंदी के साथ सुबह 10 से शाम छह बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे बाजार खुलना शुरू हुआ जिसके बाद पहले एक घंटे में यहां फिर धीरे-धीरे अराजकता बढ़ने लगी। जिला प्रशासन ने पाबंदी लगाई थी कि श्यामगंज बाजार में सिर्फ थोक में खरीददारी करने वाले ग्राहक आएंगे लेकिन बाजार खुलते ही यहां फिर बुधवार की तरह घर के लिए सामान खरीदने वाले आम लोगों की भी भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। आधा घंटे के अंदर श्यामगंज चौराहे से कुतुबखाना रोड पर पीली कोठी के पास लगे बैरियर तक हजारों लोगों की भरमार थी। इस समय तक श्यामगंज में ज्यादा पुलिस फोर्स भी तैनात नहीं थीं, लिहाजा दुकानदार पूरी बेपरवाही से थोक और रिटेल में सौदा-सुल्फ देने में जुटे रहे। दूसरी ओर ग्राहकों पर भी प्रशासन की हिदायतों का कोई असर नहीं दिखाई दिया।
श्यामगंज बाजार के मेन रोड से जुड़ी रैली गोदाम, मिर्च वाली गली, गंगापुर जाने वाली गली और होली चौराहा जाने वाली गली में दुकानें खुलते ही हालात और भी ज्यादा खराब नजर आए। सैकड़ों लोगों की भीड़ गलियों में खरीददारी करने घुसी हुई थी। तमाम लोग स्कूटी-बाइक और रिक्शे पर खरीददारी करने पहुंचे थे जिनसे गलियां आम दिनों की तरह अटी हुई दिखाई दीं। एक-एक दुकान पर 20-20 लोगों की भीड़ साफ तौर पर जता रही थी कि दुकानदारों पर बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से सख्त हिदायत दिए जाने के बावजूद कोई असर नहीं हुआ।
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करीब 11 बजे एएसपी अभिषेक वर्मा के पहुंचने के बाद मेन मार्केट से मिर्च वाली गली तक भगदड़ मचनी शुरू हुई। एएसपी के साथ यहां प्रकट हुए पुलिस फोर्स ने लोगों को हड़काकर दौड़ाना शुरू किया तो लोग खरीददारी छोड़कर भागने लगे। दुकानदारों ने भी अफसरों को देखकर शटर गिरा दिए। थोड़ी देर बाद एसीएम रोहित यादव भी यहां पहुंच गए जिसके बाद पुलिस ने और ज्यादा सख्ती शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में श्यामगंज का मेन मार्केट पूरी तरह कायदे में आ गया लेकिन गलियों की दुकानों पर मारामारी फिर भी खत्म नहीं हुई। हालांकि भगदड़ बार-बार मचती रही। करीब एक घंटे बाद पुलिस को देखकर गंगापुर से शाहदाना की ओर जाने वाली गली में भी जबर्दस्त भगदड़ मची, कई लोग गिर तक गए। हालांकि इसके बावजूद कुछ ही देर ही बाद गलियों में फिर भीड़ जुट गई। दुकानदारों ने भी इस पर कोई एतराज नहीं किया।
बता दें कि श्यामगंज बाजार के लिए शुरुआती दौर में सुबह सात से 11 बजे तक का समय तय किया गया था। कुछ व्यापारी नेताओं ने पुलिस से जोड़तोड़ कर दुकानों को सुबह चार से सात बजे तक एक और शिफ्ट में खुलवाना शुरू कर दिया था। इस अवैध बाजार में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाए जाने के साथ जमकर कालाबाजारी भी की जा रही थी। अमर उजाला में यह अंधेरगर्दी सुर्खियों में आई तो मंगलवार को कुछ व्यापारी नेताओं ने सीओ से मिलकर बाजार को सुबह 10 से तीन बजे तक खोलने की अनुमति ले ली। इसके बाद व्यापारी नेताओं का दूसरा गुट नेतागिरी चमकाने के लिए डीएम के पास पहुंच गया। पुलिस की मनमानी की वजह से श्यामगंज में भीड़भाड़ लगने की शिकायत करते हुए उनसे 10 से छह बजे तक बाजार लगाने की अनुमति मांगी। डीएम ने लॉकडाउन का पालन कराने की शर्त पर थोक कारोबार की अनुमति दी लेकिन इसकी आड़ में बुधवार को पूरा श्यामगंज बाजार खुलवा दिया। इसके बाद पुलिस को लाठी चलाकर यहां से भीड़ को खदेड़ना पड़ा था।

अफसरों की निगाह में चढ़े व्यापारी नेता बाजार से नदारद

श्यामगंज के जिन व्यापारी नेताओं ने डीएम को लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करने का भरोसा दिलाने के बावजूद बुधवार को पूरा श्यामगंज बाजार खुलवाकर अराजकता फैला दी थी, वह बृहस्पतिवार को बाजार में ही नजर नहीं आए। दरअसल बुधवार को पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने इन व्यापारी नेताओं के नाम लेकर श्यामगंज इलाके के कारोबारियों को जमकर हड़काया था। एक दरोगा ने तो खुलेआम यहां तक धमका दिया था कि डीएम के सामने कोई कितना भी खेल कर ले लेकिन बाजार तो पुलिस ही चलवाएगी। पुलिस के साथ श्यामगंज पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों ने भी इन व्यापारी नेताओं के मामले में सख्त रवैया दिखाया था। पुलिस और प्रशासन दोनों के अफसरों की निगाह में चढ़ जाने का नतीजा यह हुआ कि डीएम के पास पहुंचने वाले ज्यादातर व्यापारी नेता बृहस्पतिवार को बाजार में ही नजर नहीं आए।

व्यापारी नेताओं ने गलियां खुलवाने को कहा तो डीएम और एसएसपी ने किया इनकार

लॉकडाउन की सबसे ज्यादा धज्जियां चूंकि श्यामगंज में ही उड़ रही थीं लिहाजा बृहस्पतिवार को भी डीएम नितीश कुमार और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय दोनों दोपहर करीब 12 बजे यहां जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान व्यापारी नेता शोभित सक्सेना और विशाल मेहरोत्रा ने दोनों अफसरों से श्यामगंज मेन मार्केट से जुड़ी कुछ गलियों को खुलवाने का आग्रह किया लेकिन डीएम और एसएसपी दोनों ने साफ इनकार कर दिया। एसएसपी ने कहा कि जब तक लॉकडाउन के पालन के साथ हालात पूरी तरह सामान्य नजर नहीं आएंगे, गलियों को नहीं खोलने दिया जाएगा।
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