गलियों में आम दिनों सा दिखा नजारा, झुंड मेें खड़े और आते-जाते दिखे लोग
बरेली। श्यामगंज किराना मार्केट के दिनभर खुले रहने की जानकारी मिलने के बाद बुधवार को आसपास के इलाकों में सुबह से ही व्यवस्था ध्वस्त होनी लगी। ऐसा लगा मानों सरकार ने लॉकडाउन हटाने की घोषणा कर दी हो। लोग पहले की तरह गलियों में निकलने लगे। यह क्रम दोपहर एक बजे तक चला। हालांकि गलियों में दुकानें कम ही खुलीं, जो खुलीं, वह सुबह दस बजे के बाद बंद भी हो गईं। पर लोगों का आना-जाना जारी रहा। वहीं पुराने शहर के अधिकांश मोहल्लों में दुकानें दोपहर बाद तक खुली रहीं, वहीं लोग भी मजमा लगाए दिखे।
श्यामगंज किराना मंडी के दिन में खोले जाने की बात पर बुधवार सुबह आठ बजे से ही श्यामगंज चौराहा व आसपास के क्षेत्रों में आम दिनों सा नजारा दिखने लगा। हजारों की संख्या में लोग पैदल व अपने वाहनों से मंडी की ओर जाते दिखे। गलियों का हाल ज्यादा खराब था। मीरा की पैठ व सैलानी होते हुए श्यामगंज चौराहे पर मिलने वाली सड़क हो या कालीबाड़ी से लगे मोहल्लों की गलियां, हर जगह लोग इस तरह घरों से निकल रहे थे कि मानो सरकार ने लॉकडाउन उठा लिया हो।
शेखनवादा में दिखी दोगुनी भीड़
पुराने शहर की गलियों में हालात और भी बुरे थे। शेखनवादा में गलियों में खुली कोटे की दुकानों पर राशन लेने के लिए सुबह से ही लोगों की लाइनें लगी थीं। इस दौरान सामाजिक दूरी को बनाए सर्कल में लोगोें ने अपने बोरे, गमछे और झोले रखकर अपना नंबर तय कर रखा था। ये लोग नियमों को ताक पर रख एक साथ झुंड में खड़े दिखाई दिए। इसी बीच टेंपो आदि भी गलियों से निकलने लगे, जिसके चलते यहां कई बार जाम लग गया।
मीरा की पैठ क्षेत्र में आम दिनों सा नजारा
मीरा की पैठ, एजाज नगर गौंटिया, खुर्रम गौंटिया आदि ऐसे इलाके रहे जहां लोग दोपहर बारह बजे तक बिना किसी काम के सड़कों पर घूमते दिखाई दिए। लोग एक दूसरे से झुंड बनाकर बात करते दिखे। गलियों में दौड़ते बच्चे और बाइकोें के हार्न का शोर लॉकडाउन के बीच भयावह स्थिति पैदा कर रहा था।
लोग बोले, हजारों लोगों के सड़क पर निकलने से फैल सकता है संक्रमण
सैलानी, कालीबाड़ी के अंदरूनी इलाके, कोहाड़ापीर, कुतुबखाना आदि क्षेत्रों की गलियों में सुबह के वक्त भीड़ के हालात रहे। पुलिस भी बेबस नजर आई। एक पुलिस वाले ने तो यहां तक कह दिया कि इस तरह यदि दिनभर बाजार खुलने की बात पर लोग निकलते रहे तो सारे किए कराए पर पानी फिर जाएगा। हजारों लोगों के सड़क पर निकलने से कोरोना संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
व्यापारी कम और आमलोग ज्यादा पहुंचे मंडी
बरेली। श्यामगंज मंडी को सुबह दस से शाम छह बजे तक थोक व्यापारियों के लिए खोलने की बात तय हुई थी। पर मंडी खुलने के समय सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। व्यापारी कम व श्यामगंज के आसपास के आम लोग ज्यादा दिखाई दिए। ये सभी फुटकर खरीददारी कर रहे थे। इनके आने से जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, अव्यवस्था फैलती गई। किराना मंडी के एक दुकानदार ने बताया कि वैसे तो वह थोक विक्रेताओं को ही माल दे रहे हैं, पर कोरोना संकट के बीच आम लोगों के यहां इस तरह जुटने और अव्यवस्था फैलाने से वह भी परेशान हैं।
समय से बंद हुई एलन मंडी
एलन क्लब सब्जी मंडी सुबह साढ़े आठ बजे तक बंद हो गई। इस दौरान यहां सुबह से ही निगम के अधिकारी व प्रवर्तन कर्मचारी मुस्तैद रहे। यहां थोक विक्रेताओं के अलावा आम लोगों के आने पर सख्ती से रोक लगाई गई।
कुतुबखाना स्थित फल और सब्जी मंडी भी सुबह साढ़े आठ बजे तक बंद करा दी गई। इससे पहले यह मंडी करीब दस बजे तक खुली रहती थी। पर निगम के कर्मियों ने कड़ाई दिखाते हुए बुधवार को इसे समय से बंद करा दिया। नौ बजे के बाद यहां सन्नाटा था।