बरेली में पुराना शहर के कटरा चांद खां स्थित जाटव बस्ती के निवासियों ने नगर निगम पर विकास कार्यों में उपेक्षा और भेदभाव करने का आरोप लगाया। यहां के लोगों ने बुधवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की।
डॉ. भीमराव आंबेडकर दलित उत्थान सेवा समिति के बैनर तले क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। समिति के अध्यक्ष सुनील सागर का कहना है कि पिछले कई महीनों से आंबेडकर भवन क्षेत्र और मलिन बस्ती की सड़क को नगर निगम द्वारा तोड़कर छोड़ दिया गया है, जिसे आज तक पूरा नहीं कराया गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि उनकी बस्ती की सड़क तोड़ने के बाद कटरा चांद खां मोहल्ले के अन्य दूसरे इलाकों में तो सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ और वहां की सड़कें बनकर तैयार भी हो गईं, लेकिन दलित आबादी वाले इस हिस्से को जस का तस छोड़ दिया गया। वर्तमान में पूरी बस्ती टूटी सड़क, गंदगी और कीचड़ की समस्या से जूझ रही है।
इसके साथ ही सीवर लाइन के चोक होने और पीने के साफ पानी की किल्लत ने स्थानीय महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का जीना मुहाल कर दिया है। आने वाले दिनों में गंदगी के कारण महामारी फैलने का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है।