आंवला। कृषि ऋण पाने के लिए किसान कई महीनों तक बैंक शाखा के चक्कर काटते रहते हैं। वहीं, एक ऐसा मामला सामने आया है जहां किसान के मरने के दो साल बाद उसके नाम पर 8.73 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया।जानकारी पर मृतक के बेटे ने शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच शुरू कराई गई है।
कसूमरा गांव निवासी नेत्रपाल ने बताया कि उसके पिता चुन्नीलाल की मौत 21 मार्च 2021 को हो चुकी है। चार भाइयों में एक भाई गांव में रहता है। दो भाइयों के साथ वह दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। पिता की मौत के बाद वह विरासत दर्ज नहीं करवा पाए थे। कुछ दिन पहले जब वह विरासत दर्ज कराने तहसील पहुंचे तो पता चला कि पिता के नाम पर 8.73 लाख का ऋण है। इसमें से 6.50 लाख रुपये निकाले भी जा चुके हैं।
जानकारी करने पर पता चला कि रिकॉर्ड में पिता चुन्नीलाल को जिंदा दिखाकर यह ऋण मई 2023 में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की मनौना गांव स्थित शाखा से स्वीकृत हुआ है। जब उन्होंने तहसील के अधिकारियों को मृतक प्रमाणपत्र दिखाकर ऋण स्वीकृत होने से पहले पिता की मौत होने की बात बताई तो उन्होंने शिकायत करने को कहा। थाना दिवस में और एसडीएम से शिकायत करने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह एसएसपी से मिले।
यह ऋण मेरी तैनाती से पहले स्वीकृत हुआ है। जांच कराई जा रही है। एक टीम सोमवार को गांव भी भेजी गई थी। जल्द मामले में कार्रवाई की जाएगी। - विकास कुमार, शाखा प्रबंधक