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मरीजों को जबरन डिस्चार्ज करने पर विनायक हॉस्पिटल में हंगामा, सड़क पर धरने पर बैठे परिजन

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बरेली...! सिटी रेलवे स्टेशन के सामने विनायक हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा? - फोटो : CITY
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बरेली। ऑक्सीजन की कमी बताकर अचानक कई मरीजों को डिस्चार्ज कर दिए जाने पर विनायक अस्पताल में रविवार को हंगामा खड़ा हो गया। तीमारदारों के काफी गिड़गिड़ाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन नहीं माना तो उन्होंने सिटी स्टेशन रोड पर बैठकर जाम लगा दिया। पुलिस ने उन्हें सड़क से उठाया और अस्पताल प्रबंधन से बात कर मरीजों का दोबारा इलाज शुरू कराया।
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कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ हालात हाथ से निकलने शुरू हो गए हैं। ऑक्सीजन का संकट भी लगातार बढ़ रहा है, इस वजह से अस्पतालों ने मरीजों को जबरन रेफर करना शुरू कर दिया है। रविवार को दोपहर करीब 12 बजे सिटी स्टेशन रोड पर विनायक अस्पताल से जबरन कई मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। इनमें ज्यादातर मरीजों की हालत गंभीर थी। उनके तीमारदारों ने जब डिस्चार्ज करने का कारण पूछा तो बताया गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी है लिहाजा वे अपने मरीज को किसी और अस्पताल में ले जाएं।
काफी देर तक तीमारदार मरीजों को डिस्चार्ज न करने के लिए अस्पताल प्रबंधन की मिन्नतें करते रहे लेकिन जब इसके बावजूद अस्पताल में मरीजों के डिस्चार्ज के कागज बना दिए गए तो तमाम तीमारदार भड़ककर अस्पताल के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए और जाम लगा दिया। तीमारदारों के जाम लगा देने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें सड़क से उठाया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन से बात कर दोबारा मरीजों का इलाज शुरू कराया।
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हम खुशामद करते रहे
फिर भी एक नहीं सुनी
अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे संजीव ने बताया कि उनका मरीज अस्पताल में कई दिनों से भर्ती है। उसकी हालत भी गंभीर है लेकिन अस्पताल प्रबंधन ऑक्सीजन न होने की बात कहकर उसे जबरन डिस्चार्ज कर रहा था। कई और मरीजों को भी बाहर किया जा रहा था। उन लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से काफी कहा कि जब तक उनके पास संसाधन है, तब तक मरीजों का इलाज करिए लेकिन अस्पताल उनकी एक सुनने को तैयार नहीं था। इसी वजह से वे लोग सड़क पर धरने पर बैठ गए।
मुझे विनायक अस्पताल में हुई इस घटना के बारे में जानकारी नहीं है। अस्पताल से मरीजों को अगर जबरन डिस्चार्ज किया गया है तो जांच कराई जाएगी। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ
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