बरेली। भले डांट घर में तू बीबी की खाना, मगर मेरे बेटे कचहरी न जाना...। इन्साफ पाने के लिए आम आदमी के संघर्ष को दर्शातीं कवि कैलाश गौतम की ये पंक्तियां आज भी प्रासंगिक हैं। जिले के राजस्व न्यायालयों के बाहर रोज वादकारियों की भीड़ जुटती है। उनको चाहिए होता है इन्साफ, पर मिलती है सिर्फ तारीख। किसी को 18 साल से प्रतीक्षा है तो कोई 300 से ज्यादा तारीखों पर चप्पलें घिस चुका है। ये नौबत तब है, जब राजस्व परिषद पांच वर्ष से ज्यादा पुराने मुकदमों को अभियान चलाकर निस्तारित करने का दबाव बना रहा है। लापरवाही पर पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की भी बात कही जा रही है। पेश है एक रिपोर्ट...।
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कुसमा देवी के परिजन वर्ष 2006 से लड़ रहे मुकदमा
एसडीएम फरीदपुर के न्यायालय में गागेपुरा की कुसमा देवी का मामला 20 दिसंबर 2006 से विचाराधीन है। शुरुआत में सात साल तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर जनवरी 2014 से अब तक 352 तारीखें लग चुकीं, पर मामले का निस्तारण नहीं हो सका। इसी तरह धीरपुर के जगजीत सिंह एवं राजेंद्र जुलाई 2010 से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। इनके मुकदमे में 322 तारीखें लग चुकी हैं। घासीराम का मुकदमा सितंबर 2011 से, राजेंद्र सिंह, हरनाम सिंह एवं नेत्रपाल का 2013 से, फरीदपुर के ब्रजलाल आदि बनाम मुरारीलाल और अनीशा बनाम मोहम्मद रहीश खां के मुकदमे वर्ष 2015 से चल रहे हैं।
171 तारीखें झेल चुके उरमान, निर्णय का इंतजार
एसडीएम आंवला के न्यायालय में नगर पंचायत बिशारतगंज बनाम उरमान शाह का मामला 24 मई 2018 को दाखिल हुआ था। अब तक 171 तारीखें लग चुकी हैं। जनवरी 2025 से जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा है। ऐसे ही विजय सिंह बनाम कुसमा देवी के चार मुकदमे नवंबर 2020 से चल रहे हैं। इनमें 116 तारीखें लग चुकी हैं। अब मुकदमा साक्ष्य में लगा है।
फैसला सुरक्षित, फिर भी लग रही तारीख पर तारीख
एसडीएम आंवला के न्यायालय में ही गोजाखेड़ा के गेंदनलाल बनाम नत्थूलाल का मामला एक अप्रैल 2019 से चल रहा है। इसमें 130 तारीखें लग चुकी हैं। बताया जा रहा है कि पांच अक्टूबर 2023 को आदेश भी सुरक्षित किया गया। फाइल पेश हुई, पुकार कराई गई। वादी और उसके वकील हाजिर नहीं हुए तो अदम पैरवी में मुकदमा निरस्त कर दिया गया। फाइल दाखिल दफ्तर हो गई। आपत्ति हुई तो यह मामला पुनर्स्थापना वाद की श्रेणी में शामिल हुआ। फिर नाेटिस तामील कराने में ही कई तारीखें गुजर गईं। अब साक्ष्य में लगा है।
आबिद के मुकदमे में लग चुकी हैं 319 तारीखें
एसडीएम सदर कोर्ट में घंघोरा पिपरिया के आबिद हुसैन उर्फ गुड्डू का मामला 28 मार्च 2011 से चल रहा है। इसमें 319 तारीखें लग चुकी हैं। लंबे समय से ये मामला बहस में ही चल रहा है। अब अगली तारीख 24 जून को लगी है। फतेहपुर के रघुनाथ सिंह की भूमि का प्रकरण अक्टूबर 2019 से चल रहा है। इस मामले में भी 100 तारीखें लग चुकी हैं। अगली तारीख 25 जून को है।
अंतिम आदेश के इंतजार में 3,610 मामले
जिले के राजस्व न्यायालयों में जो मुकदमे आदेश के लिए सुरक्षित किए गए हैं, उनकी संख्या 3610 बताई जा रही है। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने भी 28 मई को डीएम को पत्र लिखकर संबंधित मामलों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। 20 मई को हुई बैठक में डीएम की समीक्षा में पाया गया था कि 12,233 वादों का निस्तारण बाकी है। इसमें 407 मुकदमे तीन वर्ष से ज्यादा पुराने हैं।
वर्जन
राजस्व न्यायालय में वादों की सुनवाई और निस्तारण के संबंध में प्रत्येक पीठासीन अधिकारी से रोज गूगल शीट पर सूचना ले रहे हैं। उसकी समीक्षा करते हैं। पांच वर्ष से अधिक पुराने मुकदमों पर पूरा फोकस है। उनके निस्तारण के साथ ही तीन, दो और एक साल पुराने मुकदमों के भी निस्तारण के लिए समय-सीमा तय कर रहे हैं। कोई वाद 18 साल से लंबित चला आ रहा है तो इसका कारण जानने के लिए एसडीएम से बात करेंगे। - अविनाश सिंह, डीएम