बरेली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि लोग श्रीराम मंदिर की तरह काशी और मथुरा में भी भगवान के दर्शन करना चाहते हैं। तथ्य हमारे पक्ष में है। जल्द ही हम श्रीराम मंदिर की तरह ही काशी और मथुरा आने के लिए भी निमंत्रण भेजेंगे। इसके लिए तैयार रहिए। जनभावनाएं भी हमारे पक्ष में हैं। अब हमारा उद्देश्य श्रीराम मंदिर से देश को रामराज्य की ओर ले जाने का है।
आलोक कुमार यहां संगठन के प्रशिक्षण शिविर में आए थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में श्रीराम मंदिर के लिए आंदोलन करना पड़ा था, लेकिन अब भावनाएं हमारे अनुकूल हैं। मथुरा व काशी के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जल्द ही आएगा। देश में मौजूद 14 फीसदी मुस्लिमों में से 85 प्रतिशत के पूर्वज हिंदू थे। बाकी 15 प्रतिशत अफगानिस्तान व दूसरी जगहों से आए।
उन्होंने कहा कि विहिप का उद्देश्य धर्मांतरण को रोककर घर वापसी को तेज करना है। इसके लिए एक हजार प्रखंड चिह्नित किए गए हैं। ऐसे धर्मरक्षकों की तलाश की जा रही है जो दो साल के लिए अपने काम-धंधे को छोड़कर इस कार्य में जुट जाए। एक धर्मरक्षक को एक प्रखंड दिया जाएगा। अभी तक 350 धर्मरक्षक बना चुके हैं। आगामी पांच साल में गांव-गांव व मोहल्लों में घर वापसी करानी है। 20-25 हजार लोगों की अब तक घर वापसी कराई जा चुकी है।
पाकिस्तान से आने वाले हिंदुओं के बारे में उन्होंने कहा कि यहां आने वाले हिंदुओं की सहायता की जाएगी। इसके लिए दिल्ली में पांच कैंप लगाए गए हैं। जो आ गए हैं, सीएए के जरिये उन्हें नागरिकता मिलेगी। इस दौरान वनमंत्री डाॅ. अरुण कुमार, बिथरी विधायक डाॅ. राघवेंद्र शर्मा, अनुपम कपूर, आशू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब भी दिए
विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब भी दिए। डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि मंदिरों के अलावा भी देश में तमाम ऐसे स्थान हैं, जहां मुगल काल में आक्रमण कर उनका अस्तित्व बदला गया। उन स्थलों पर भी विचार किया जाना चाहिए। जवाब में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केवल स्थानों की बात नहीं, हमें लोगों की बात करनी चाहिए। घर वापसी इसी लिए कराई जा रही है। ओटीटी प्लेटफाॅर्म से हिंदू संस्कृति को नुकसान के सवाल पर कहा कि इसके लिए गाइडलाइन तैयार की गई है।