अभी अवैध पेंट्रीकार लगाने के मामले की जांच शुरू भी नहीं हो पाई है कि एक और मामला सामने आया है। महामना एक्सप्रेस के कई कोचों से एलईडी, ब्रांडेड टोंटियां, हैंड वाशर आदि गायब हो गए हैं। यह सामान वाशिंग लाइन से गायब हुआ है या सफर के दौरान यात्रियों ने निकाला है, इसकी जांच वाराणसी डिवीजन ने शुरू कर दी है।
रेलवे ने मदनमोहन मालवीय की उपाधि के नाम पर 13 जुलाई 2017 को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच महामना एक्सप्रेस शुरू की। एक तरह से यह लग्जरी ट्रेन है। इसका किराया राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस से कुछ कम है। ट्रेन के जनरल शौचालय में ब्रांडेड टोंटियां, हैंड शॉवर्स, बड़े शीशे और सुविधाजनक वाशरूम हैं। कोच में कारपेट और एलईडी भी लगाई गईं। धीरे-धीरे ये सभी चीजें गायब होतीं गईं। रेलवे का आरोप है कि यात्रियों ने चीजें गायब कीं। गायब एलईडी की जगह दूसरी एलईडी अब तक नहीं लगाई गई है। दूसरी ओर जानकारों का कहना है वाशिंग लाइन में ट्रेन मेंटीनेंस के लिए छह घंटे खड़ी रहती है, वहीं सब चीजें गायब हुई हैं। फिलहाल वाराणसी डिवीजन के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। आखिर कोच से सभी चीजें कैसे गायब र्हुइं। बता दें कि शनिवार को चंडीगढ़ से गोरखपुर जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन में वाशिंग लाइन से अवैध तरीके से पेंट्रीकार लगा दी गई थी। पेंट्रीकार गोरखपुर वाशिंग लाइन में लगी या चंडीगढ़ में इसकी जांच शुरू हो गई है। बिना रेल कर्मचारियों की मिलीभगत के ट्रेन में पेंट्रीकार नहीं लग सकती है।