बरेली। दो दिन में हुई बारिश से फसलों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं होगा बल्कि हल्की गति से हुई बारिश ने सिंचाई की समस्या दूर कर दी। सब्जी, गेहूं, गन्ना आदि फसल के लिए बारिश फायदेमंद है, पर किसान फसलों में खरपतवारनाशी का प्रयोग जरूर करें। आईवीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. रंजीत के मुताबिक दिसंबर में अनुमान से कम ठंड हुई, जबकि फसलों के लिए सर्द मौसम जरूरी होता है। अब बारिश के बाद दिन और रात के तापमान में गिरावट आएगी। वर्षा से सरसों, गेहूं, मसूर, गन्ने को लाभ होगा। हल्की बारिश से एक सिंचाई के बराबर पानी लगा। अब कल्ले तेजी से निकलेंगे, पर बारिश का मौसम थमने के बाद किसान खेत में खरपतवारनाशी का छिड़काव कर लें। सरसों की फसल का विरलीकरण कर दें।
रविवार को भी बारिश का आसार मौसम विभाग ने जताया है। अगर तेज बारिश हुई तो मटर, मसूर अन्य दलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए खेत में जलनिकासी की व्यवस्था रखें। आलू की फसल के लिए भी बारिश फायदेमंद है। अमर उजाला ब्यूरो