बरेली। शाम सात बजे शहर में अचानक अंधेरा छा गया। जगमग रहने वाली सड़कें, दिवाली का बाजार, दुर्गा पंडाल, रामलीला मंचन... सबकुछ थम सा गया। तीन चौथाई शहर के लाखों लोग अचानक अंधेरे में आ गए। बिजली विभाग आनन-फानन में वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटा लेकिन देर रात तक कामयाब नहीं हो पाया। लोगों को जब पता चला कि दोहना बिजलीघर खराब हो गया है तो अपने इन्वर्टरों की पॉवर बचाने में जुट गए।
दोहना बिजलीघर में खराबी आने से शहर के 19 उपकेंद्र प्रभावित हो गए। राजेंद्रनगर, डीडी पुरम, शाहदाना, कुतुबखाना, कैंट, सिविल लाइंस, जगतपुर, इज्जतनगर, शाहदाना, महानगर, हरूनगला, रामपुर बाग आदि उपकेंद्र से जुड़े लाखों लोग घंटों लोग परेशान रहे। सिर्फ पांच छोटे स्टेशन से पोषित इलाकों में ही सप्लाई रही। सीबी गंज 132 केवी सिस्टम से जुड़े सुभाषनगर, किला, सीबी गंज समेत पांच उपकेंद्र चलते रहे।
शाहजहांपुर से ली सप्लाई
पारेषण अफसरों ने दोहना में आई खराबी के बाद शाहजहांपुर लाइन सिस्टम से वैकल्पिक सप्लाई सिविल लाइंस 132 स्टेशन पर सप्लाई कराई। यहां से थोड़ी थोडी देर के लिए प्रभावित उपकेंद्रों को सप्लाई दी गई, लेकिन राजेंद्र नगर, कोहाड़ापीर, इज्जतनगर आदि उपकेंद्र इससे वंचित रहे।
श्रद्धालुओं को उठानी पड़ी भारी मुसीबत
इस समय त्योहार का सीजन चल रहा है और रविवार को नवरात्र की अष्टमी थी। शहर में कई जगह दुर्गा पंडाल सजाए गए थे। मंदिरों में भी भजन कीर्तन चल रहा था कि अचानक अंधेरा छा गया। जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यही हाल रामलीला मंचन देखने गए लोगों का रहा। शाम सात बजे सप्लाई गुल होते ही धार्मिक गतिविधियां काफी देर तक प्रभावित रही हैं।
‘त्योहार के मौके पर बड़ा फाल्ट हो गया है। जानकारी मिलते ही सभी अफसर इसे दूर करने में लग गए। प्रभावित उपकेंद्रों पर वैकल्पिक सप्लाई भी कराई गई है।’
- तारिक मतीन, चीफ इंजीनियर
‘दोहना में अचानक फाल्ट आने से सिस्टम एकदम अस्तव्यस्त हो गया। ऐसा अमूमन कम ही होता है। फिर भी शाहजहांपुर से सप्लाई दिलाकर शहर में सामान्य स्थिति की गई।’
- एके जायसवाल, एई पारेषण