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व्यापारी हुए गर्म तो चीफ इंजीनियर पड़े नर्म

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बरेली। विभागीय लापरवाही से बढ़ते हादसे और अफसरों के खराब रवैये से गुस्साए व्यापारी नेता चीफ इंजीनियर से भिड़ गए। व्यापारियाें का गुस्सा देखकर चीफ ने माफी मांग ली और कहा कि जल्द ही सुधार दिखने लगेगा, जबकि महिला जागृति मंच ने चेतावनी दी कि हादसे के दोषी जेई और ठेकेदार फर्म पर अगर तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
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सोमवार दोपहर करीब एक बजे से चीफ इंजीनियर कार्यालय पर हल्ला बोल कार्यक्रम शुरू हो गया। सबसे पहले उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष शोभित सक्सेना अपनी टीम के साथ नारेबाजी करते पहुंचे। गुस्साएं व्यापारियों को देखकर चीफ इंजीनियर तारिक मतीन सकते में आ गए। व्यापारी नेताओं ने एक के बाद सवाल दागे तो चीफ इधर-उधर झांकने लगे।
शोभित सक्सेना ने तारिक से कहा कि फोन करने पर उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार और भाषा इस्तेमाल हो रही है। बात ज्यादा खराब होती देख उन्होंने खेद जताते हुए माफी मांग ली। इसके बाद नेताओं ने कहा कि शहर में ज्यादातर स्थानों पर अघोषित कटौती हो रही है। फाल्ट के नाम पर घंटों सप्लाई गुल होने से लोग परेशान हैं। लोगों के बिलों में एरियर लगकर आना, बिना आए रीडिंग हो रही है। व्यापारियों ने लाइनों से हो रही दुर्घटनाएं और मौतों पर दुख जताया और डीडी पुरम जेई और संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई का आग्रह किया। इस पर चीफ इंजीनियर ने वादा कि दोषी लोग बख्शे नहीं जाएंगे और जल्द सुधार भी नजर आएगा। दीपक अग्रवाल, अमरजीत सिंह, मनोज अरोरा, दानिश जमाल, राजीव ओबराय, पोपेंद्र सिंह समेत बड़ी तादाद में व्यापारियों ने घेराव किया। जब उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिला तो व्यापारी चले गए।
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तीन दिन में कार्रवाई न हुई तो करेंगे आंदोलन
बरेली। महिला जागृति मंच की कार्यकर्ता चीफ इंजीनियर तारिक मतीन पर जमकर बरसीं। मंच प्रमुख डा. मनु नीरज ने कहा कि डीडी पुरम जेई तैनात होते ही गायब हो गए। उपकेंद्र जेई विजय कुमार और ठेकेदार की लापरवाही से एक निर्दोष की करंट लगने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि घटना के बाद शाहदाना उपकेंद्र स्टाफ भी ताला लगाकर भाग गए। इससे करीब 20 घंटे तक विभिन्न इलाकाें में सप्लाई गुल रही। उनका आरोप था कि हादसा विभागीय लापरवाही से हुआ है, इसलिए संबंधित पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। साथ ही ठेकेदार के जो लोग उपकेंद्र पर कार्यरत हैं उनका कर्मचारी ईपीएफ कटता है या नहीं। अगर नहीं कट रहा होगा तो उनका संगठन अपने से मामला दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि जेई और ठेकेदार पर तीन दिन में प्रभावी कार्रवाई हो अन्यथा उग्र आंदोलन होगा।
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