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स्टेडियम रोड पर लाइनमैन की मौत पर भड़के लोग, एसपी सिटी से धक्कामुक्की

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बरेली। बरसात के मौसम जिले भर में बिजली की लाइनें जानलेवा हो गई हैं। रविवार को इन लाइनों से करंट की चपेट में आकर तीन और लोगों की जान चली गई। स्टेडियम रोड पर टूटी हाईटेंशन लाइन जोड़ते हुए एक लाइन मैन की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। लाइनमैन के परिवार वालों के साथ इकट्ठी हुई भीड़ इस कदर गुस्से में थी कि एसपी सिटी और इंस्पेक्टर के साथ भी धक्कामुक्की हो गई। गल्ला मंडी इलाके में वनखंडी नाथ मंदिर के पास हुई दूसरी घटना में एक मजदूर की ट्रांसफार्मर के तार की चपेट में आकर जान चली गई। तीसरी घटना भुता में हुई जहां एक साल से जमीन पर पड़े तारों में अचानक करंट आने से एक महिला की मौत हो गई।
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स्टेडियम रोड पर मॉडल टाउन चौकी के सामने शनिवार शाम हाईटेंशन लाइन का एक तार टूटकर गिर पड़ा था। शिकायत पर देर शाम पहुंचे विभागीय कर्मचारी बारिश की वजह से लाइन ठीक नहीं कर पाए लिहाजा रविवार सुबह आदर्श इंटरप्राइजेज के कर्मचारी क्षेत्र के हजियापुर में रहने वाले 40 वर्षीय लाइनमैन कदीर अहमद उर्फ मुन्ना कुछ और कर्मचारियों के साथ लाइन ठीक करने पहुंचे। लाइन पेड़ से टकरा रही थी इसलिए पहले पेड़ को छांटा गया। इसके बाद मुन्ना लाइन को रस्सी बांधकर ऊपर खींच ही रहे थे कि अचानक धमाका हुआ। चिंगारियों के साथ धुआं उठा और मुन्ना वहीं गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक काफी देर उनका शरीर जलता रहा। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मुन्ना की मौत की खबर उनके घर पहुंची तो उनके परिवार वालों के साथ मौके पर काफी भीड़ भी इकट्ठी हो गई। हंगामा शुरू हुआ तो पुलिस पहुंच गई। काफी समझाने के बाद भी भीड़ बुरी तरह उग्र हो गई और एसपी सिटी अभिनंदन सिंह और इंस्पेक्टर बारादरी के साथ भी कुछ लोगों ने धक्कामुक्की कर दी। किसी तरह समझाकर भीड़ को शांत किया गया। मुन्ना के भाई रईस ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

हादसा होते ही भाग गए बाकी कर्मचारी
टूटी हाईटेंशन लाइन को जोड़ने के लिए मुन्ना के साथ कई और भी कर्मचारी स्टेडियम रोड पर पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही हादसा हुआ, ये सभी कर्मचारी वहां से भाग निकले। पास ही शहदाना उपकेंद्र पर मौजूद सभी कर्मचारी भी ताला डालकर निकल लिए। लाइन ठीक करने आए कर्मचारियों का ठेकेदार भी हादसे के बाद गायब हो गया।
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काफी देर जलता रहा मुन्ना का शरीर
धमाके के बाद धुआं और चिंगारियां उठने लगीं थीं। लाइन से छू रहा मुन्ना का शरीर काफी देर जलता रहा। उनका बायां हाथ और कपड़े जलकर राख हो गए। चेहरा इतनी बुरी तरह जल गया कि पहचान में भी नहीं आ रहा था। पुलिस ने काफी एहतियात के साथ उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिवार वालों ने बताया कि करीब पांच साल पहले भी ईंट पजाया चौराहे पर हाईटेंशन लाइन पर काम करते वक्त मुन्ना करंट की चपेट में आकर घायल हो गए थे। झटका लगने से वह ट्रांसफार्मर के ऊ पर गिरे थे। इसके बाद करीब पांच महीनों तक काम नहीं कर पाए थे।

गर्दन बचाने में जुटे अफसर, एक लाख की मदद
हादसे के बाद बिजली विभाग के अफसर अपनी गर्दन बचाने में जुट गए हैं। पीड़ित परिवार को बिजली विभाग के अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर सांत्वना दी। साथ ही पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये का चैक भी दिया। ऐसे हादसों में पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये तक का मुआवजा मिलने का प्रावधान है। जोकि ठेकेदार कंपनी को देना होता है। न देने पर बिजली विभाग अपनी तरफ से मुआवजा देकर कंपनी के बिल में से रकम काट लेता है।

हादसे में लाइनमैन की मौत के बाद बारादरी थाने का फोर्स मौके पर भेजा था। मैं भी मौके पर पहुंचा था। मृतक के परिजन अपनी बात कह रहे थे लेकिन कुछ लोग नेतागीरी भी करने में लगे थे। पीड़ितों के आरोपों के मुताबिक उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी, लेकिन पुलिस से अभद्रता और नेतागिरी करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी
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