बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या तीन) विजेंद्र त्रिपाठी ने शीशगढ़ के गांव जिया नगला निवासी विनोद को खाने में जहर देकर उसकी हत्या करने वाली पत्नी धर्मवती उर्फ गुड्डी को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी को छह माह के बच्चे के साथ जेल भेज दिया गया है।
गांव निवासी मुन्ना लाल ने 10 मई 2016 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया था कि सुबह 11 बजे वह घर पहुंचे तो बेटा विनोद मृत पड़ा था। पता चला कि विनोद की पत्नी धर्मवती उर्फ गुड्डी ने अपने पुरुष मित्र राजस्थान के अलवर जिले के रायगढ़ निवासी राजेश के साथ मिलकर उसकी चादर से गला घोटकर हत्या कर दी है। मुन्ना लाल ने यह भी बताया कि विनोद घर से बाहर रहकर नौकरी करता था। कुछ दिन पहले ही पत्नी के साथ घर आया था। उसके साथ गुड्डी का पुरुष मित्र राजेश भी था।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना कर फरवरी 2018 में चार्जशीट दाखिल कर दी। गुड्डी की गिरफ्तारी छह माह बाद 28 जनवरी 2017 को हो सकी। पोस्टमाॅर्टम में मौत की वजह जहर देना बताया गया। पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर ने भी फॉरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट की पुष्टि की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुड्डी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य नहीं मिलने पर राजेश को बरी कर दिया। संवाद