बरेली। युवती पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने वाले दो दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक सुरेश कुमार गुप्ता ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, 40-40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम मृतका के परिजनों को वाद खर्च के रूप में दी जाएगी। दोनों दोषी आपस में सगे भाई हैं।
घटना देवरनिया थाना क्षेत्र के गांव दमखोदा में पांच जनवरी 2022 को हुई थी। एजाज अहमद की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह उसके पड़ोसी आरिफ व कासिम घर में घुस आए और उनकी पुत्री शमा (19) के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने लगे। शमा ने विरोध किया तो दोनों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी लईकन बचाने दौड़ीं तो दोनों जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। सात जनवरी 2022 को इलाज के दौरान शमा की मौत हो गई।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर नौ जनवरी 2022 को कासिम को गिरफ्तार कर लिया। कुछ समय बाद पुलिस ने आरिफ को भी गिरफ्तार कर लिया। विवेचक ने आठ अप्रैल 2022 को आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से न्यायालय में 13 गवाह और 18 साक्ष्य पेश किए गए। चिकित्सक ने बताया कि शमा जब अस्पताल में आई थी तो उसका शरीर 75 फीसदी झुलसा हुआ था। न्यायालय ने गवाहों को सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कासिम और आरिफ को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
पीड़िता का बयान बना सजा का आधार
पीड़िता ने अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस को दिए बयान में बताया था कि आरिफ व कासिम दीवार फांदकर उसके घर में आए थे। दोनों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। संवाद