बरेली। रुपयों के लेनदेन की रंजिश में तमंचे से गोली मारकर युवक की हत्या करने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश पशुपति नाथ मिश्रा ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
घटना देवरनियां थाना क्षेत्र के डांडी हमीद गांव में दो फरवरी 2022 को हुई थी। रहमत अली ने पुलिस को बताया कि वह चार माह से अपने मामा आजम के यहां रहता है। दो फरवरी की शाम को मामा आजम घर में मौजूद थे। इसी दौरान सगीर व उसका साला वफाउर्रहमान बाइक से आए और आजम को बुलाया। जैसे ही आजम घर से बाहर निकला, वफाउर्रहमान के उकसाने पर सगीर ने तमंचा निकालकर फायर कर दिया। गोली आजम के पेट में लगी। आवाज सुनकर रहमत अली, नाजिया और सायरा खातून बाहर आए तो दोनों बाइक छोड़कर भाग गए। आजम को इलाज के लिए भोजीपुरा अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 25 फरवरी 2022 को सगीर को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद कर लिया। नौ मार्च 2022 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने 31 मई 2022 को मामला सत्र न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया। अभियोजन की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। साथ ही, घटना में प्रयुक्त तमंचा और प्रयोगशाला की रिपोर्ट पेश की गई। कोर्ट ने सगीर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। संवाद