बरेली में चार साल की मासूम से दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुमार मयंक ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। तीन माह बाद आए फैसले में मेडिकल रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में बरेली की अदालत ने पहला फैसला सुनाया है।
घटना भुता थाना क्षेत्र के एक गांव में दो अक्तूबर 2024 को हुई थी। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी पुत्री घर के पास ही खेल रही थी। इसी दौरान गांव का ही युवक उसे फुसलाकर ले गया और दुष्कर्म किया। पुलिस ने चार अक्तूबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना के दौरान ही अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। 13 नवंबर 2024 को आरोपपत्र दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से न्यायालय में पीड़िता समेत 12 के बयान दर्ज कराए गए। न्यायालय ने मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करने व गवाहों को सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।