घटना के छह दिन बाद पीड़िता को आया था होश
जीआरपी ने 23 अगस्त को राहुल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर जागृति से लूटा गया पर्स बरामद कर लिया। पर्स में रेल टिकट, डेबिट कार्ड व अन्य पहचानपत्र मिले। वारदात के छह दिन बाद होश आने पर जागृति ने शिनाख्त परेड में आरोपी की पहचान की।
विवेचना के बाद जीआरपी ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 13 गवाह और 20 साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट ने राहुल गिहार को लूट, आर्म्स एक्ट और कातिलाना हमले का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
बचाव पक्ष ने पत्नी को गवाह बनाकर पेश किया
कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने राहुल गिहार की पत्नी रचना को बतौर गवाह पेश किया। उसने बयान दिया कि वह और उसका पति एक अगस्त को शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन स्थित उसके मायके गए थे।
एक माह तक वहीं रहकर भट्ठे पर मजदूरी की। उसके पति पर लगाए आरोप गलत हैं। हालांकि, बचाव पक्ष इस संबंध में साक्ष्य नहीं दे सका। इधर, अभियोजन की ओर से ठोस साक्ष्य और आरोपी का आपराधिक इतिहास भी कोर्ट के समक्ष रखा गया।