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Bareilly News: लूट के बाद महिला इंजीनियर को ट्रेन से धक्का देने के दोषी को उम्रकैद, दो लाख रुपये जुर्माना

Mon, 15 Sep 2025 08:06 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस में बदमाश ने लूट के बाद चलती ट्रेन से महिला इंजीनियर को धक्का दे दिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इस घटना के दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 
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जनपद न्यायालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने महिला इंजीनियर का पर्स लूटने के बाद उसे ट्रेन से धक्का देने के दोषी भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मोहल्ला कंचनपुर पीपलसाना निवासी राहुल गिहार को सोमवार को उम्रकैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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किच्छा निवासी सुमन प्रकाश शर्मा ने 20 अगस्त 2016 को बहेड़ी थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी बेटी जागृति शर्मा निजी कंपनी में इंजीनियर है। 19 अगस्त को सुबह वह 15043 लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस में इज्जतनगर से किच्छा के लिए सवार हुई। 

ट्रेन भोजीपुरा से चली तो एक शातिर ने उसका पर्स छीन लिया। जागृति ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। इससे जागृति गंभीर रूप से घायल हो गई। बरेली सिटी जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की तो राहुल गिहार का नाम सामने आया।

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घटना के छह दिन बाद पीड़िता को आया था होश 
जीआरपी ने 23 अगस्त को राहुल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर जागृति से लूटा गया पर्स बरामद कर लिया। पर्स में रेल टिकट, डेबिट कार्ड व अन्य पहचानपत्र मिले। वारदात के छह दिन बाद होश आने पर जागृति ने शिनाख्त परेड में आरोपी की पहचान की। 

विवेचना के बाद जीआरपी ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 13 गवाह और 20 साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट ने राहुल गिहार को लूट, आर्म्स एक्ट और कातिलाना हमले का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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बचाव पक्ष ने पत्नी को गवाह बनाकर पेश किया
कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने राहुल गिहार की पत्नी रचना को बतौर गवाह पेश किया। उसने बयान दिया कि वह और उसका पति एक अगस्त को शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन स्थित उसके मायके गए थे। 

एक माह तक वहीं रहकर भट्ठे पर मजदूरी की। उसके पति पर लगाए आरोप गलत हैं। हालांकि, बचाव पक्ष इस संबंध में साक्ष्य नहीं दे सका। इधर, अभियोजन की ओर से ठोस साक्ष्य और आरोपी का आपराधिक इतिहास भी कोर्ट के समक्ष रखा गया।
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