बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में तीन साल पहले युवक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दोषी युवक को कोर्ट ने मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
बरेली में युवक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने के दोषी नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बरौर निवासी करन वाल्मीकि को अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि मुकदमे के वादी मदनलाल को देने का आदेश दिया है।
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गांव के मदनलाल ने 30 अगस्त 2022 को थाने में रिपोर्ट कराई थी कि पांच दिन पहले गांव के सुनील मौर्य, प्रदीप और संजीव का उनके भाई झम्मन लाल से मोबाइल फोन को लेकर झगड़ा हुआ था। 22 अगस्त को सुनील झगड़ा खत्म करने की बात कहकर झम्मन लाल को घर से बुलाकर ले गया था। जब वह काफी देर तक नहीं लौटा तो मदनलाल सुनील के घर गए। वह घर पर नहीं मिला। संजीव और प्रदीप भी घर से लापता थे। 30 अगस्त को झम्मन लाल का शव घूरे के पास पड़ा मिला। पुलिस ने सुनील, प्रदीप और संजीव के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना में सामने आया कि गांव निवासी करन वाल्मीकि एक लड़की से प्यार करता था। झम्मन लाल इसका विरोध करता था। इस वजह से करन झम्मन लाल से रंजिश मानता था। पुलिस ने करन को पकड़कर पूछताछ की तो उसने उसने रस्सी से गला कसकर झम्मन लाल की हत्या की बात कबूल कर ली। साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद अदालत ने करन वाल्मीकि को हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।