बरेली। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति और उसके भाई को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सास-ससुर समेत चार अन्य लोगों को नौ-नौ साल कैद की सजा सुनाई। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट निर्दोष कुमार ने किया।
घटना आंवला के घेर अन्नु खां की है। विवाहिता के पिता भूरे खां ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उनकी बेटी दानिश उर्फ हुमा का निकाह उसकी मौत से 18 माह पहले मसरूर उर्फ बाबू के साथ हुआ था। शादी के बाद से हुमा का पति व ससुरालवाले एक लाख रुपये दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते थे। 20 दिसंबर, 2016 को सुबह करीब 11 बजे हुमा पर उसके ससुराल वालों ने मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी बेटी ने झुलसी अवस्था में बताया कि ससुराल वाले उसे जान से मारना चाहते थे। उन्होंने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई। जलाने से पहले दिनभर भूखा रखा गया। 26 दिसंबर, 16 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील दिगंबर पटेल ने दस गवाह पेश किए। कोर्ट ने हुमा के पति मसरूर व उसके भाई मंसूर उर्फ छोटू को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 24-24 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा ससुर महबूब, सास अफसरी, रिजवाना उर्फ लाडो और शबीना को 9-9 साल कैद की सजा सुनाई है।
छेड़छाड़ के दोषी को पांच साल का कारावास
बरेली। नाबालिग के अपहरण व छेड़छाड़ के दोषी को अदालत ने पांच साल कैद की सजा सुनाई। यह आदेश विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट हरिप्रसाद ने किया।
बहेड़ी थाने में पीड़िता के चाचा ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 12 मार्च, 2015 को उसकी आठ साल की भतीजी अपनी परचून की दुकान पर अकेली बैठी थी। तभी रेहान ने उससे 20 रुपये का सामान खरीदा और 500 रुपये का नोट दिया। पीड़िता ने छुट्टे पैसे होने से इन्कार किया। रेहान उसे छुट्टे पैसे दिलवाने के बहाने अपने साथ टेंपो में बैठाकर रहपुरा के जंगल में गया। वहां उसने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कोर्ट ने रेहान उर्फ गुडडू को दोषी ठहराते हुए पांच साल कैद व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद