बरेली। ससुर की दोनाली बंदूक से फायर करने के मामले में डीएम कोर्ट ने मंगलवार को लाइसेंस निरस्त कर शस्त्र को मालखाने में जमा कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही एसएसपी और प्रभारी अधिकारी (शस्त्र) को अन्य जरूरी कार्रवाई करने का आदेश पारित किया है।
डीएम कोर्ट से पारित आदेश के मुताबिक, भुता क्षेत्र के गांव खरदाह निवासी भोलानाथ गुप्ता को जिला प्रशासन ने वर्ष 2003 में दोनाली बंदूक का लाइसेंस जारी किया था। सितंबर 2024 में खेड़ा गांव निवासी इनके दामाद रविंद्र गुप्ता ने ससुर की बंदूक ले जाकर एक व्यक्ति पर फायर कर दिया था। जिसके आरोप में उनके और एक अन्य के विरुद्ध सात सितंबर 2024 को भमोरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने भोलानाथ गुप्ता की बंदूक के लाइसेंस को निरस्त करने के संबंध में 22 अक्तूबर 2024 को डीएम कोर्ट में वाद दाखिल कराया था।
खतीक व मनोज जिला बदर, चार पाबंद
डीएम कोर्ट ने बहेड़ी के मोहल्ला टांडा निकट अब्दुल्ला चौधरी मस्जिद निवासी खतीक उर्फ खलीक को जिला बदर घोषित कर दिया है। इसके विरुद्ध 13 मुकदमे दर्ज हैं। इसके विरुद्ध कोर्ट ने गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। इसी तरह बिथरी चैनपुर के गांव पुरनापुर के मनोज भी जिला बदर किया है। इसके विरुद्ध 2022 से 2024 तक के बीच में छह मुकदमे दर्ज हैं। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया अहमदनगर के विनायक के विरुद्ध तीन मुकदमे और शीशगढ़ कस्बा निवासी विशाल उर्फ बौना के विरुद्ध दो मुकदमे हैं। इन दोनों को डीएम कोर्ट ने हाजिरी के लिए पाबंद कर दिया है। ऐसे ही बहेड़ी के मोहल्ला शेखूपुर के मेंहदी हसन, थाना कोतवाली के बाग अहमद अली तालाब निवासी मुजाहिद उर्फ मज्जू को भी पाबंद किया है।
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डेढ़ साल बाद रोशन लाल का शस्त्र लाइसेंस बहाल
आठ अप्रैल 2024 को दाखिल सरकार बनाम रोशन लाल के वाद में भी डीएम कोर्ट ने शस्त्र लाइसेंस बहाल किया है। देवरनिया थाना पुलिस की रिपोर्ट के मुताबकि, मोहनपुर गांव निवासी रोशन लाल के बेटे पुनीत कुमार उर्फ बब्लू ने पिता की लाइसेंसी बंदूक से फायर किया था। कोर्ट ने नौ अप्रैल 2024 को लाइसेंस निलंबित किया था। रोशन लाल ने पक्ष रखा कि उनके बेटे पुनीत ने आत्मरक्षा में हवाई फायर जरूर किया था।