मीरगंज। क्षेत्र के रामगंगा नदी के खादर के गांवों में वन्यजीवों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। 10 फरवरी से रोजाना किसी न किसी गांव में वन्यजीवों की चहलकदमी जारी है। अब धंतिया में तेंदुए, कपूरपुर में दो भालू के बाद बुधवार को सुबह नौ बजे मीरगंज क्षेत्र के गांव समसपुर में छोटे सिंह के खेत में तेंदुआ दिखाई दिया तो गांव में दहशत फैल गई।
समसपुर की सुनीता देवी सुबह नौ बजे जंगल में जा रही थीं। तभी छोटे सिंह के खेत में तेंदुआ देखकर डरकर वहां से भाग आईं। गांव में आकर ग्रामीणों को बताया। तभी ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को फोन किया तो कुछ देर बाद मीरगंज के रेंजर संतोष कुमार, डिप्टी रेंजर मुकेश कुमार, वन दरोगा छत्रपाल, फराज नदीम मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के साथ जंगल में कॉम्बिंग की, लेकिन शाम तक उसका कोई पता नहीं चला। गांव के बृजेश कुमार, सियाराम, कल्याण, रामौतार, हरिप्रकाश, छोटे सिंह, जगदीश आदि ने भी तेंदुआ होने का दावा किया है।
10 फरवरी को धंतिया, अजमतगंज एवं सिमरिया में 20 से अधिक लोगों को वन्य जीव ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया। उसी दिन से लगातार पूरे क्षेत्र में वन्यजीव चहलकदमी कर रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत है। लोग डर की वजह से जंगल भीं नहीं जा रहे हैं। मंगलवार को कपूरपुर में दो भालुओं को ग्रामीणों ने देखा था।
वन टीम न माना-कोई वन्यजीव कर रहा चहलकदमी
रेंजर संतोष कुमार ने बताया कि कोई वन्यजीव तो है, लेकिन वह वन विभाग की टीम को दिखाई नही पड़ा है। इससे उसे ट्रेस नहीं किया जा सका है। लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा गया है। जंगल व खेतों की तरफ समूह के साथ लाठी-डंडे लेकर जांने के लिए कहा गया है। क्योंकि तेंदुआ खतरनाक वन्यजीव है, जो तेजी के साथ हमला करता है। किसी को दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। संवाद