शीशगढ़ के बुझिया गांव में मंगलवार रात पिंजड़े में हुआ था कैद
बहेड़ी। दस साल की बच्ची को शीशगढ़ के बुझिया गांव से उठाकर ले जाने वाले तेंदुए को वन विभाग की टीम ने बुधवार देर रात बिजनौर की अमानगढ़ रेंज के जंगलों में छोड़ दिया। यह तेंदुआ मंगलवार रात पिंजड़े में कैद हुआ था।
तेंदुआ सोमवार शाम बुझिया गांव से 10 वर्षीय उपासना को उस वक्त उठा ले गया था जब वह दुकान से कॉपी लेने जा रही थी। मंगलवार को बच्ची का अधखाया शव गन्ने के खेत में मिला था। वन विभाग की टीम ने मंगलवार शाम ही तेंदुए को पकड़ने के लिए गन्ने के खेत में पिंजड़ा लगाया था जिसमें रात में ही तेंदुआ कैद हो गया। तेंदुए को पहले बरेली ले जाया गया जहां वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डा. दक्ष गंगवार ने उसका परीक्षण कर उसे पूरी तरह स्वस्थ बताया। इसके बाद डीएफओ भरत लाल, एसडीओ आरबी सिंह, रेंजर रवींद्र सक्सेना और डाक्टरों की टीम पिंजड़े में कैद तेंदुए को लेकर बिजनौर के अमानगढ़ रेंज के जंगलो में पहुंची। वहां दोनों जिलो के अधिकारियो की मौजूदगी में रात करीब दो बजे तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया गया।
तेंदुए का परीक्षण कराने के बाद उसे बिजनौर के अमानगढ़ के जंगल में छोड़ दिया गया है। वह पूरी तरह स्वस्थ था। बिजनौर के वन विभाग के अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे। -आरबी सिंह, एसडीओ वन विभाग