16 दिन बाद रबर और कोयला प्लांट के कैमरों में दिखीं तस्वीरें
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एक ही इलाके में मौजूद रही तो फिर शुरू होगा ट्रैंक्युलाइज करने का अभियान
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी के जंगल में कई महीनों से ठिकाना बनाकर रह रही बाघिन 16 दिन बाद एक बार फिर कैमरे में कैद हुई है। वन विभाग के अफसरों के मुताबिक बाघिन रबर और कोयला प्लांट क्षेत्र में घूमती दिखी है। अगर अगले दो दिन लगातार उसकी गतिविधियों का पता लगता रहा तो ट्रैक्युलाइज करके उसे पकड़ने का अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।
रबर फैक्टरी के जंगल में मौजूद बाघिन और वन विभाग टीमों के बीच सात महीने से लुकाछिपी का खेल चल रहा है। बाघिन की लोकेशन ट्रेस करने के लिए रबर प्लांट, कोयला प्लांट और डिस्टलरी प्लांट में 49 कैमरे लगाए गए हैं जो करीब आधे फैक्टरी क्षेत्र को कवर किए हुए हैं। उसे पकड़ने के लिए पांच पिजड़े भी लगाए गए हैं जिनमें बकरी बांधने के साथ दो अलग-अलग जगह खुले में भी पाड़ा बांधा गया है। हालांकि इसके बावजूद बाघिन वन विभाग के विशेषज्ञों को लगातार चकमा देती रही है।
पिछले दिनों बारिश में बाघिन को पकड़ने का अभियान अस्थायी तौर पर रोक दिया गया था। तभी से बाघिन कैमरों में भी नहीं दिखाई दी। डीएफओ भरतलाल के मुताबिक 16 दिन बाद गुरुवार को कैमरों में बाघिन कैद हुई। फुटेज के मुताबिक बाघिन कोयला और रबर प्लांट के जंगल में ही घूम रही है। उनका दावा है कि अगर बाघिन की सटीक लोकेशन लगातार यूं ही मिलती रही तो उसे ट्र्ैंक्युलाइज करने का अभियान फिर से शुरू करके कैद किया जाएगा।