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Bareilly News: बीते एक माह से तेंदुए की दहशत... खेतान फैक्टरी में जमाए है डेरा, पेड़ पर मिले पंजे के निशान

Tue, 22 Jul 2025 06:51 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

वन्यजीव विशेषज्ञ जीएस खुशालिया ने मंगलवार को खेतान फैक्टरी परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने दावा किया कि तेंदुए ने फैक्टरी परिसर को अपना विश्राम स्थल बना रखा है। तेंदुआ अभी ही परिसर में ही मौजूद है।  
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वन्यजीव विशेषज्ञ जीएस खुशालिया ने किया फैक्टरी परिसर का निरीक्षण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली के हाफिजगंज इलाके में बीते एक माह से एक तेंदुआ दहशत का पर्याय बना हुआ है। यह तेंदुआ बंद खेतान फैक्टरी व आसपास के इलाके में देखा जा चुका है। उसे पकड़ने के लिए डीएफओ बरेली ने एनिमल केयर सोसायटी मेरठ पश्चिमी उत्तर के प्रभारी को बुलाया। उन्होंने मंगलवार को फैक्टरी परिसर का निरीक्षण किया। दावा किया कि तेंदुआ फैक्ट्ररी परिसर में ही मौजूद है। फैक्टरी को उसने विश्राम स्थल बना रखा है। उन्होंने अनुमान लगाया कि पहले भी यह तेंदुआ पिंजरे में फंस चुका होगा, इस कारण पिंजरा देखकर सर्तक है। 

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हाफिजगंज के गांव फैजुल्लापुर स्थित खेतान फैक्टरी परिसर में तेंदुआ एक माह से डेरा जमाए हुए हैं। सूरज ढलने के बाद तेंदुआ दीवार फांदकर शिकार के लिए निकलता है। कुत्तों, बत्तख और अन्य जंगली जानवरों को निशाना बनाकर फैक्टरी परिसर में पेड़ पर बैठकर खाता है। इस बात की पुष्टि एनिमल केयर सोसायटी मेरठ पश्चिमी उत्तर के प्रभारी जीएस खुशालिया ने की। उन्होंने फैक्टरी परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। 

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नर तेंदुआ होने का दावा 
जीएस खुशालिया ने फैक्टरी के रास्ते पर तेंदुआ के पगचिह्न देखे, जिन्हें देखकर नर तेंदुआ होना बताया। फैक्टरी की दीवार पर जानवर खाए जाने के अवशेष मिले। मेन रोड पर अर्जुन के पेड़ पर तेंदुआ द्वारा चढ़ने उतरने पर छपे नाखून के निशान मिले हैं। पड़ोसी मो यासीन फार्म के मैनेजर मुस्तकीम ने बताया कि तेंदुआ उनके परिसर से अब तक तीन कुत्ते व दो बत्तख को अपना निवाला बना चुका है। एक कुत्ते को जख्मी कर दिया है। 

उन्होंने बताया कि फैक्टरी परिसर को तेंदुआ ने अपना विश्राम स्थल बना लिया है। उसको पकड़ने के लिए पिंजरे का स्थान बदलना होगा। उन्होंने बताया कि किसान अगर खेत की तरफ जाते हैं तो समूह में जाएं। लाल कपड़े का इस्तेमाल करें। उधर, गांव उदरनपुर, पंडरी नोमहला, हरहरपुर, काशीपुर, गौंटिया आदि गांवों में भी तेंदुआ देखा गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। 

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