सहसवान के गांव रसूलपुर बेला के जंगल में भटक कर आए तेंदुए ने रविवार शाम किशोर समेत तीन लोगों को हमला कर गंभीर घायल कर दिया। इनको सीएचसी लाया गया। हालत गंभीर होने पर किशोर को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
हमले के बाद ग्रामीणों ने तेंदुए को घेर लिया और ट्रैक्टर से कुचल कर मार डाला। इसके बाद उसके शव को काफी देर तक खेतों में घसीटा भी। गौर करने वाली बात यह है कि वन विभाग को घटना के तीन घंटे बाद भी इसकी भनक तक नहीं लगी।
जरीफनगर थाने के कस्बा दहगवां निवासी 60 वर्षीय मोहन लाल सहसवान के गांव रसूलपुर में अपने बेटी ओमवती के घर आए थे। रविवार शाम करीब चार बजे वह डीपॉल स्कूल जरीफनगर गड़िया के पास स्थित खेत पर गए गए थे।
यहां और किसान भी खेतों में काम कर रहे थे। अचानक तेंदुआ ने उन पर हमला बोल दिया। किसी को कुछ समझा नहीं आया। तेंदुए के हमले में मोहन लाल और पुराना गांव निवासी विजेंद्र का 15 वर्षीय बेटा त्यागी और गांव का ही किशन गंभीर रूप घायल हो गए।
तेंदुए को देखकर किसानों में दहशत फैल गई। किसानों ने ट्रैक्टरों के जरिए तेंदुए की घेराबंदी की और उसे कुछ ही देर में ट्रैक्टर से कुचल कर मार डाला। शाम सात बजे तक वन विभाग से कोई मौके पर नहीं पहुंचा था।
ग्रामीण तेंदुआ को मारने के बाद उसका शव खेतों में काफी देर तक घसीटते रहे। गौर करने वाली बात यह है कि देर रात तक सहसवान रेंजर को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। डीएफओ राजेश सिंह भी जानकारी होने की बात से इंकार कर दिया है। घायलों में त्यागी की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
अभी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं हो सकी है। जानकारी जुटाई जा रही है। अगर तेंदुआ की हत्या की गई है तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई भेजा जाएगा।
- राजेश सिंह, डीएफओ