वीडियो वायरल होते ही रद्द कर दी थी रिपोर्ट
पीड़ित सौरभ का कहना है कि लेखपाल ने उसके सामने ही फार्म पर रिपोर्ट लगाई थी। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ और अधिकारियों के पास पहुंचा, वैसे ही उसने पोर्टल पर रिपोर्ट रद्द दर्शा दी। सौरभ ने फार्म खरीद लिया था, लेकिन रिपोर्ट निरस्त होने से उसे जाति प्रमाणपत्र नहीं मिला। लेखपाल की कारगुजारी के कारण वह फार्म नहीं भर सका। पीड़ित का कहना है कि ऐसे कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि आगे किसी छात्र व अन्य व्यक्ति के साथ नहीं होना चाहिए।
जांच में दोषी मिला लेखपाल
एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र व वीडियो की कराई गई जांच में लेखपाल दोषी पाया गया है। उसको निलंबित किया गया है। विभागीय जांच भी कराई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।