मीरगंज। पुनर्जीवित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने और अनुशासनहीनता पर लेखपाल उमाशंकर राना को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वह खमरिया सानी क्षेत्र में कार्यरत थे। एसडीएम निधि शुक्ला ने निर्देशों की अवहेलना बताते हुए यह निर्णय किया है।
एसडीएम निधि शुक्ला के मुताबिक, शासनादेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि मीरगंज में 1,670 शिकायतों पर दोबारा विचार कर (पुनर्जीवित) गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी लेखपालों को नायब तहसीलदार की निगरानी में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। समीक्षा के दौरान पाया गया कि खमरिया सानी क्षेत्र के लेखपाल उमाशंकर राना को आवंटित आठ पुनर्जीवित संदर्भों में से एक का भी निस्तारण नहीं किया गया। इसको शासनादेशों की अवहेलना और कार्य के प्रति लापरवाही माना गया।
बैठकों में बिना सूचना के रहे अनुपस्थितएसडीएम के मुताबिक, जांच में पता लगा कि संबंधित लेखपाल कई समीक्षा बैठकों में बिना सूचना के अनुपस्थित रहे या बैठक के बीच से ही चले गए। उनपर शिकायतों का सतही निस्तारण करने, उच्चाधिकारियों के मौखिक व लिखित निर्देशों की अनदेखी करने और मांगे गए स्पष्टीकरण का समय पर जवाब न देने के आरोप थे। इस अनुशासनहीनता से कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
भूलेख कार्यालय से किया संबद्ध
एसडीएम के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान उमाशंकर राना को तहसील मीरगंज के भूलेख कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उनको नियमानुसार, जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, बशर्ते वह यह प्रमाणित करें कि निलंबन अवधि में किसी अन्य सेवा, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं। विभागीय जांच पूरी होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।