बरेली। सांसदों-विधायकों के पत्रों का सरकारी विभागों में क्या हश्र होता है। इसका हिसाब विधान परिषद की समिति लेगी। वर्ष 2022 से 2025 तक तीन साल के दौरान कितने पत्र बरेली और बदायूं जिले के किस विभाग में आए और उन पर क्या कार्रवाई की गई। इसका ब्योरा तैयार करके अधिकारियों को विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति के सामने बृहस्पतिवार को पेश करना होगा।
विधान परिषद की 10 सदस्यीय संसदीय अध्ययन समिति एमएलसी किरणपाल कश्यप की अगुवाई में बुधवार की शाम सर्किट हाउस पहुंची। समिति के सदस्य बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे विकास भवन के सभागार में बरेली और बदायूं के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। सीडीओ देवयानी ने बताया कि राज्यमंत्री वाणिज्य, उद्योग के अपर निजी सचिव कुमार सौरभ ने 28 फरवरी को बंजरिया गांव में श्मशान घाट पर शेड बनाने की मांग की थी। उनकी दूसरी मांग 22 अप्रैल काे बकौली में श्मशान भूमि की बाउंड्रीवाल बनाने की थी। उनकी तीसरी मांग 23 जुलाई को बहेड़ी के अहमद नगर उर्फ आकलपुर में जलनिकासी के लिए नाला बनाने की थी। इसमें अभी पैमाइश का मामला लटका होना बताया जा रहा है। इस मामले की समीक्षा होगी। इसी तरह मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग के निजी सचिव एच. कृषनउन्नी ने बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र में आवागमन की सुविधा के लिए पीडब्ल्यूडी से निर्मित होने वाले मार्ग और पुल-पुलिया के प्रस्ताव चालू वर्ष की कार्ययोजना में शामिल करने की सिफारिश की थी। अपर निजी सचिव कुणाल प्रताप सिंह ने बहेड़ी के बईपुर में सीसी रोड व नाली बनाने और बहेड़ी से शेरगढ़ मार्ग से इटौआधुरा तक सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव दिया था। सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने पनवड़िया व वरगवां के बीच बाढ़ से कटे 200 मीटर रोड को किच्छा नदी के पुल से बनाने, बिथरी चैनपुर में मनहेरा गांव में सीसी रोड, नवाबगंज के मियांपुर से त्यार जागीर होते हुए गेला टांडा मोड़ तक संपर्क मार्ग बनाने की मांग की थी। इसी तरह एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी विभिन्न कार्यों के प्रस्ताव दे रखे हैं। ब्यूरो