कोर्ट परिसर और चैंबर में अव्यवस्थाओं को लेकर अधिवक्ता नाराज हैं। यहां पानी, शौचालय, सफाई, पार्किंग, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं। वर्ष 2005 के बाद सरकार ने इसके लिए कोई बजट भी नहीं दिया। महिला अधिवक्ताओं के लिए एक पिंक शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। वकीलों ने अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू न होने पर भी गुस्सा जाहिर किया।
मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय परिसर में आयोजित संवाद में मौजूद अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के आसपास जाम की समस्या, पार्किंग का न होना, महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से शौचालय न होना, जलभराव, गंदगी आदि समस्याओं को उठाया। कैशलेस इलाज की मांग की।
दिनभर पानी नहीं पीतीं महिला वकीलमहिला वकीलों ने कहा कि कई वकीलों के पास चैंबर तक नहीं हैं। टॉयलेट न होने के कारण महिला वकील दिन में पानी नहीं पीतीं, ताकि उनको टॉयलेट न जाना पड़े। उन्होंने स्वच्छ पिंक शौचालय की मांग की।