बरेली में अधिवक्ता महजबीन हत्याकांड में बुधवार को फिर वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन कर स्टेशन रोड पर जाम लगाया। उन्होंने ढाई घंटे तक कलक्ट्रेट के मेन गेट को बंद रखा। अफसरों को पैदल ही आवास तक जाना पड़ा। शाम ढले अधिकारियों ने पानी पिलाकर भूख हड़ताल खत्म करा दी। अच्छन अंसारी को अस्पताल भेज दिया गया।
मजहबीन हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों का धरना और भूख हड़ताल बुधवार सुबह भी जारी रही। वकीलों ने बुधवार दोपहर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलक्ट्रेट गेट के सामने मानव शृंखला बनाकर महजबीन के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
धरनास्थल पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे महजबीन के चाचा अच्छन अंसारी का समर्थन किया। कई अन्य राजनीतिक हस्तियां भी वहां पहुंचीं और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस-प्रशासन की तरफ से ठोस आश्वासन नही मिला तो प्रदर्शनकारी वकीलों ने कलक्ट्रेट परिसर का मेन गेट दुपट्टे से कसकर बंद कर दिया।
एएसपी आशुतोष शिवम और सीओ एलआईयू विजय राना मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी वकीलों को बताया कि कुछ लोगों को गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया है। बाकी जो आरोपी विवेचना में प्रकाश में आएंगे, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद भूख हड़ताल पर बैठे अच्छन अंसारी को पानी पिलाकर धरना खत्म कराया।
घेराव किया तो लौटे अफसर
वकीलों के प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट में तैनात अधिकारियों के वाहन परिसर में ही बंद हो गए। कलक्ट्रेट के सामने कुर्सियां डालकर चौराहा बंद कर दिया गया। कई अधिकारियों को दूसरे रास्ते से पैदल ही बाहर जाना पड़ा। बाहर से आए एडीएम सिटी व एडीएम प्रशासन ने जब कलक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की तो वकीलों ने उनका घेराव कर लिया। दोनों अधिकारी काफी देर तक गेट पर रहे, फिर लौट गए।
एक सप्ताह में गिरफ्तारी न होने पर होगा आंदोलन
महजबीन के चाचा अधिवक्ता अच्छन अंसारी आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के नेता हैं। भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पुलिस-प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। इसलिए भूख हड़ताल समाप्त की जा रही है। तीन दिन से भूखा रहने के कारण कुछ समय तक चिकित्सीय परीक्षण में रहूंगा। यदि गिरफ्तारी नहीं की गई तो इस बार बड़ा आंदोलन किया जाएगा।