विश्वविद्यालयों में शैक्षिक सत्र नियमित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सत्र 2018-19 के लिए सभी राज्य विश्वविद्यालयों को समय सारिणी भेज दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर जुलाई से स्नातक कक्षाओं की शुरुआत की जानी है। विश्वविद्यालय एक मार्च से मुख्य परीक्षाओं की शुरुआत करेंगे और साठ दिन के भीतर परीक्षाएं पूरी करा लेंगे। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को भी इस संबंध में पत्र प्राप्त हो गया है। शासन ने एक सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालयों से भी रिपोर्ट तलब की है, बताना होगा कि सत्र नियमन के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं।
अभी जो पत्र शासन से जारी हुआ है उसके अनुसार स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया हर हाल में तीस जून तक पूरी कर लेना है और नौ जुलाई से शैक्षिक कार्य प्रारंभ करना होगा। स्नातक कक्षाओं के साथ ही परास्नातक कक्षाओं के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। इनके प्रवेश 31 जुलाई तक पूरे करने होंगे और अगस्त के प्रथम सोमवार से कक्षाएं शुरू करानी होंगी। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए भी समय निर्धारित किया गया। 15 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रैक्टिकल कराने होंगे। एक मार्च से परीक्षाएं शुरू करके साठ दिन में संपन्न करानी होंगी। परीक्षा परिणामों की भी घोषणा 25 जून तक करने को कहा गया है। हालांकि सेमेस्टर के अनुसार समय सारणी संबंधित विश्वविद्यालय अपने स्तर से तय करेंगे।
इस बार तो सितंबर तक चली प्रवेश प्रक्रिया
वर्तमान सत्र में देखा जाए तो रुहेलखंड विश्वविद्यालय का शौक्षिक कैलेंडर बहुत पीछे है। इस बार सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया चली। उसके बावजूद कई कॉलेजों में सीटें खाली रह गईं। अक्तूबर तक कई कॉलेजों में प्रवेश कराए गए। हालांकि विवि ने इस बार केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया शुरू की थी जिससे सत्र लेट हुआ। कुलसचिव एके अरविंद के अनुसार इस बार जो गलतियां हुई हैं उन्हें अगले सत्र में नहीं दोहराया जाएगा। समय से प्रवेश कराकर कक्षाओं की शुरुआत की जाएगी।