बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले शव की गलत शिनाख्त के कारण एक परिवार ने किसी और का अंतिम संस्कार कर दिया। अगले दिन जब उनके पिता घर लौटे तो सभी चौंक गए और सच्चाई पुलिस को बताई।
शुक्रवार को डिफेंस कॉलोनी निवासी चंद्रिका सिंह यादव ट्रेन की चपेट में आने से जान गंवा बैठे थे। रेलवे कॉलोनी निवासी केशव कुमार ने अपने पिता मंशालाल के रूप में शव की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव केशव को शव सौंप दिया। केशव ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस बीच मंशालाल घर लौट आए। मंशालाल को जीवित देखकर परिवार वालों के होश उड़ गए।
उधर, चंद्रिका सिंह यादव की पत्नी गिरजा देवी पति की गुमशुदगी दर्ज कराने शनिवार को बैरियर वन चौकी पहुंचीं। वहां केशव कुमार अपने पिता मंशालाल के साथ मौजूद थे। यह देखकर पुलिस और दोनों परिवारों के होश उड़ गए। तब पुलिस ने चंद्रिका सिंह यादव के परिजन को फोटो दिखाकर शव की पहचान कराई।
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इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि मंशालाल ने 2012 में रेलवे के ट्रैकमैन पद से वीआरएस लिया था। वहीं, चंद्रिका सिंह कुछ साल पहले लोको पायलट पद से सेवानिवृत्त हुए थे। चंद्रिका सिंह यादव शुक्रवार सुबह टहलने निकले थे और घर नहीं लौटे। इस बीच रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली।