बरेली के बिथरी चैनपुर इलाके में जमीन हड़पने के एक नए मामले का खुलासा हुआ है। शातिरों ने एक मृत वकील की मोहर का इस्तेमाल कर फर्जी समझौतानामा बनाया और उसे हाईकोर्ट में दाखिल कर दिया। इस मामले में छह नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
आलमपुर गजरौला गांव निवासी रजा खां ने थाना प्रभारी राजेश मिश्रा को बताया कि उनकी पैतृक भूमि पर गेहूं की फसल बोई गई थी। आरोप है कि भिंड़ौलिया निवासी हसमत यार खान, आसिफ खान, नासिर खान, पीरबहोड़ा निवासी दानिश, आलमपुर गजरौला निवासी साबिर हुसैन और काजी टोला के सलीम खान ने जमीन हड़पने की साजिश रची। आरोपियों ने रजा खां के भतीजे नईम खान के फर्जी हस्ताक्षर और एक दिवंगत वकील की मोहर का उपयोग कर एक फर्जी समझौतानामा तैयार किया। इसे हाईकोर्ट में दाखिल किया गया। जब रजा खां हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे थे, तभी आरोपियों ने खेत से फसल काट ली। रजा खां ने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई मोबीन की पिटाई की गई और अब वे खेत पर तार लगाकर जमीन कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस जांच और आरोप
रजा खां के अनुसार, आरोपी भूमाफिया किस्म के हैं और पहले भी फर्जी प्राथमिकी दर्ज करवाकर कई जमीनों पर कब्जा कर चुके हैं। बिथरी चैनपुर पुलिस ने पूरे गिरोह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी और कटी हुई गेहूं की फसल की बरामदगी के प्रयास कर रही है।