बरेली। लालफाटक पर ओवरब्रिज बनाने के लिए कैंट में अधिग्रहण के लिए चिह्नित भूमि के बदले रक्षा मंत्रालय को दूसरी जगह भूमि देने के लिए प्रशासन ने कोशिश और तेज कर दी है। कमिश्नर के आदेश के बाद तहसील प्रशासन कैंट के आसपास के गांवों में भूमि की तलाश कर रहा है। साथ ही एडीएम प्रशासन ने रक्षा मंत्रालय की विभिन्न तहसीलों में उपलब्ध जमीन का रिकार्ड भेजकर एसडीएम से भी भूमि दिलाने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। कैंट में भूमि न मिल पाने से ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट में देरी हो रही है।
लालफाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज बनाने के लिए कैंट एरिया में करीब 6500 वर्गमीटर भूमि अधिग्रहण की जरूरत है। यह जमीन न मिल पाने से इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाया जा पा रहा है। पिछले हफ्ते कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस ढिलाई पर सेतु निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके बाद तहसील प्रशासन की टीम ने कैंट के पास मोहनपुर और बभिया गांव में सरकारी भूमि चिह्नित की है। हालांकि रक्षा मंत्रालय यह चाहता है कि लालफाटक पर अधिग्रहीत होने वाली भूमि के बदले रक्षा मंत्रालय की उपलब्ध जमीन के पास ही यह लैंड मिले। इसके लिए सेतु निगम के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले रक्षा संपदा अधिकारी से मंत्रालय की जमीन का रिकार्ड मांगा था। इसमें बरेली छावनी, फतेहगंज पश्चिमी और पूर्वी, भोजीपुरा, आलमपुर जाफराबाद और इंद्रजागीर में जमीन होने का ब्योरा सेतु निगम को दिया गया था। इसके आधार पर एडीएम प्रशासन वीके सिंह सभी एसडीएम को मंत्रालय की इन जमीनों के पास ही सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं। हालांकि प्रशासन के समाने चुनौती यह है कि लालफाटक पर समान मूल्यांकन वाली भूमि ही मंत्रालय को देनी है। एडीएम का कहना है कि जल्द ही इस पेच का हल तलाश लिया जाएगा।