लखनऊ में चल रहे डिफेंस एक्सपो में टर्बो एविएशन कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से दो डार्नियर विमान लीज पर लेने के लिए अनुबंध करेगी। टर्बो कंपनी के प्रमुख अफसरों ने लखनऊ पहुंच गए हैं। इस सिलसिले में उनकी औपचारिक बातचीत भी शुरू हो गयी है। इसलिए शुक्रवार को एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि बरेली-लखनऊ हवाई सेवा कब से शुरू हो पाएगी।
सरकार ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि यूपी में स्वदेशी यात्री विमानों का उपयोग करेगा। यानी यूपी पहला राज्य होगा कि जहां देश में बने यात्री विमान उड़ना शुरू करेंगे। इसलिए सरकार ने प्रदेश में प्रस्तावित मार्गों पर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एचएएल से 19 सीटर डार्नियर विमान लेगा। इसके साथ ही लाइसेंसी निजी कंपनियां भी एचएएल से एग्रीमेंट करेंगी। इसके तहत टर्बो कंपनी के प्रमुख अधिकारियों लखनऊ में चल रहे डिफेंस एक्सपो में डेरा जमा लिया है। कंपनी ने दो विमान लीज पर लेने के लिए एचएएल से बातचीत भी शुरू कर दी। मामला लगभग फाइनल माना जा रहा है लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा लीज एग्रीमेंट के बाद होगी। टर्बो कंपनी तीन साल अवधि के लिए लीज एग्रीमेंट कराना चाहती है।
बरेली-लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर शुरू होगी सेवा
टर्बो को बरेली-लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर हवाई सेवाएं संचालित करने का लाइसेंस मिला। उसे पिछले साल अप्रैल से सेवाएं शुरू करना था लेकिन विमान उपलब्धता आड़े आ गयी। कंपनी मलेशिया से 72 सीटर विमान खरीद रही थी। कुछ तकनीकी औपचारिकताएं पूरी नहीं होने से डील अभी तक नहीं हो पायी। शुक्रवार को लीज एग्रीमेंट के बाद साफ हो जाएगा कि कब से हवाई सेवाएं शुरू होंगी। लाइसेंस शर्तों के अनुसार कंपनी टर्बो बरेली-लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर सेवाएं शुरू करेगी।
दिल्ली अभी दूर है
अगर सब कुछ सही रहा तो टर्बो दो माह में बरेली-लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर सेवाएं शुरू कर देगी लेकिन दिल्ली अभी दूर ही रहेगी। दिल्ली पर सेवाएं लेने के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनुमति और लाइसेंस अलग से लेना होगा। माना जा रहा है कि बरेली-लखनऊ सेवा शुरू होते ही दिल्ली मार्ग भी भी टर्बों को आवंटित कर दिया जाएगा।
डिफेंस एक्सपो में एचएएल से दो डार्नियर लीज पर लेने के लिए बातचीत हुई है। इसका एग्रीमेंट शुक्रवार को प्रस्तावित है। इसके बाद ही तस्वीर साफ होगी। एग्रीमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना है। इसलिए अगले दो माह में उड़ान संभव होगी।
- पीवी रविशंकर, सीईओ, टर्बो एविएशन