बरेली। मुरादाबाद में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जमीन का अधिग्रहण अंतिम चरण में है। इसके अस्तित्व में आते ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय का दायरा घट जाएगा। अभी रुहेलखंड विवि से संबद्ध 587 कॉलेजों में 5.5 लाख छात्र पढ़ रहे हैं। मुरादाबाद में विवि बनने के बाद 350 कॉलेज रुविवि से अलग हो जाएंगे। रुहेलखंड विवि के पास सिर्फ 238 काॅलेज ही रह जाएंगे। शाहजहांपुर में भी एसएस कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसके बाद रुविवि से संबद्ध कॉलेजों की संख्या और कम हो जाएगी। हालांकि, इससे निगरानी आसान होगी और शैक्षिक गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
अब रुहेलखंड विवि इस खाई को भरने की तैयारी में जुट गया है। छात्र संख्या और आय बढ़ाने के लिए मेडिकल कॉलेज बनाने की तैयारी चल रही है। साथ ही, विभागों का विस्तार किया जा रहा है। अगले सत्र से कृषि व मत्स्य पालन संकाय शुरू हो जाएंगे। अन्य योजनाओं पर भी अंदरखाने तैयारी की जा रही है।
एसएस कॉलेज को सैद्धांतिक अनुमति दे चुके हैं सीएम
स्वामी सुखदेवानंद पीजी कॉलेज को राज्य विश्वविद्यालय बनाने के लिए मुख्यमंत्री भी सैद्धांतिक अनुमति दे चुके हैं। मुमुक्ष आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद लंबे समय से इसके लिए प्रयासरत हैं। उनकी पहल पर जिला स्तरीय टीम ने कॉलेज का मुआयना कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसके लिए समिति भी गठित कर दी गई है। इसमें उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव शिपू गिरि को अध्यक्ष, रुविवि के कुलसचिव अजय कृष्ण यादव, वित्त अधिकारी व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी संध्या रानी को शामिल किया गया है।
मुरादाबाद मंडल के छात्रों को होगी सहूलियत
मुरादाबाद में विवि बनने के बाद छात्रों को कई तरह की परेशानियों से निजात मिल सकेगी। उनकी बरेली की भागदौड़ थमेगी। फिलहाल इसके लिए रुविवि से जरूरी सूचनाएं मांगी जा रही हैं। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया गया है। मुआवजा देने के लिए फाइल वित्त विभाग में भेजी गई थी। शासन स्तर से भी इसको लेकर युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि आगामी सत्र से विवि अस्तित्व में आ जाएगा।
वर्जन
एसएस कॉलेज शाहजहांपुर के लिए मुख्यमंत्री सैद्धांतिक मंजूरी दे चुके हैं। अब आगे की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, मुरादाबाद विवि के लिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है। मुआवजे के लिए वित्त विभाग को फाइल भेजी गई थी। नया विश्वविद्यालय तैयार होने के बाद मुरादाबाद मंडल के करीब 350 कॉलेज उससे जोड़े जाएंगे। - अजय कृष्ण यादव, कुलसचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय