सेतु निगम ने प्रस्ताव बनाकर भेजा था शासन को, अधिकारियों ने मामला आगे बढ़ाने को फिर शुरू की पैरवी
बरेली। लालफाटक ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए सेतु निगम को कैंट की जमीन का अधिग्रहण करना है, लेकिन किसी न किसी वजह से इसमें अवरोध पैदा हो रहा है। अभी कुछ दिन पहले यह खुलासा हुआ कि जमीन अधिग्रहण के लिए जो चिट्ठी शासन से रक्षा मंत्रालय भेजी जानी थी वह गुम हो गई है। सेतु निगम को फिर से पैरवी शुरू करनी होगी, जिससे प्रोजेक्ट में और देरी होगी।
ओवरब्रिज का एक हिस्सा कैंट एरिया में बनाने के लिए सेतु निगम को करीब 6500 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहण करने की जरूरत है। सेतु निगम इस जमीन के बदले करीब सात करोड़ का मुआवजा भी सेना को देने के लिए तैयार है। सेतु निगम ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन की ओर से इस प्रस्ताव की चिट्ठी रक्षा मंत्रालय भेजी गई थी, लेकिन अब पता चला है कि यह लेटर बीच में कहीं खो चुका है। इसके बाद सेतु निगम ने नए सिरे से इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए पैरवी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि सेतु निगम ने यह ओवरब्रिज बदायूं की ओर कैंट और रेलवे क्रॉसिंग के बीच पूरा कर लिया है, लेकिन कैंट में जमीन न मिल पाने से यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
शासन की चिट्ठी रक्षा मंत्रालय तक नहीं पहुंच सकी है। शासन को अवगत कराया जा रहा है, ताकि जमीन अधिग्रहण का मामला जल्द निस्तारित हो सके। -देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम